मुखिया के मुखारी – राजनीतिक उदंडता से भविष्य बिखरता है
मुखिया के मुखारी – राजनीतिक उदंडता से भविष्य बिखरता है
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी – राजनीतिक उदंडता से भविष्य बिखरता है
मुखिया के मुखारी – पूर्व मुखिया के पुराग्रह वाले दंभी बोल
मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
मुखिया के मुखारी – ननकी को ननकी स नही कुंवर सा जैसा मान देना होगा
मुखिया के मुखारी – कलमवीर अब दस्यु सरदार बन गए
मुखिया के मुखारी -जो अपनी कमी से नही सीखते वों सदैव कमतर ही रहतें हैं
मुखिया के मुखारी – शरीर से ही नही दिल से भी हिंदुस्तानी होना होगा
मुखिया के मुखारी – सईंत्ता ला झन डोलाव रे जुटहा सरकार कहवाहू
मुखिया के मुखारी – कर्महिनों को कर्मठता नही भाति
मुखिया के मुखारी – सुशासन के लिए समदर्शिता है जरुरी