परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : एक बार फिर एक हत्याकांड मामले की जांच में सीबीआई की टीम छत्तीसगढ़ के बिरनपुर पहुंची हुई है। और वर्तमान विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुनेश्वर साहू जिसकी हत्या करीब एक वर्ष पहले 8 अप्रैल 2023 को कर दी गई थी जिस हत्याकांड की जांच में जुट गई है।इसके पूर्व 19 दिसंबर 2010 में बिलासपुर नया सरकंडा के युवा पत्रकार शुशील पाठक की हत्याकांड मामले में भी सीबीआई की टीम जांच में जुटी हुई थी लेकिन उनका जांच पुरा नहीं हो पाया और सीबीआई के द्वारा इसमें क्लोजर लगा दिया गया। वहीं 23 जनवरी 2011 में गरियाबंद जिले के छुरा निवासी पत्रकार उमेश राजपूत की भी उनके निवास पर दिनदहाड़े गोलीमार हत्या कर दी गई थी। जिसकी जांच के लिए दिल्ली से सीबीआई की टीम छुरा पहुंचकर वर्षों तक जांच की लेकिन अभी तक किसी को सजा नहीं दिला पाई और आज भी ये मामला विशेष सीबीआई न्यायालय में लंबित है।
हालांकि इस प्रकार की घटनाएं आम लोगों के लिए कुछ दिनों बाद भूल जाने वाले होती है और जांच एजेंसियों के लिए मात्र एक सुलझाने वाला केस और कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं के मुद्दे होते हैं, लेकिन घटित परिवार के लिए जीवन भर के दर्द देने और परिवार के लिए एक भयावह होती है। ऐसी घटनाओं का दर्द उस परिवार को ही पता होता है जिस परिवार में इस प्रकार दुखद घटनाएं होती है जिनकी पीड़ा वे जिंदगी भर सहते हुए जीवन गुजारने मजबूर होते हैं।अब फिर से एक हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची हुई है आगे देखने वाली बात यह होगी कि क्या इस हत्याकांड की जांच पुरी कर अपराधियों को सजा दिलाने में सीबीआई सफल हो पायेगी या फिर पत्रकार शुशील पाठक और पत्रकार उमेश राजपूत हत्याकांड जैसे इस बार भी होगी?
वहीं पूर्व की दोनों पत्रकारों की घटनाओं की बात करें तो उस समय भी छत्तीसगढ़ प्रदेश में बीजेपी की सरकार थी और और आज भी बीजेपी की सरकार है और इस प्रकार की घटनाओं पर सही जांच में एजेंसियां कितनी सफल होगी। गंभीर और सोचनीय विषय तो तब हो जाता है जब देश की सबसे सर्वोच्च और विश्वसनीय सीबीआई जैसे जांच एजेंसियां ऐसी घटनाओं की जांच में असफल नजर आती है।
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