राजा बाबू उपाध्याय ब्यूरो हेड महासमुंद : पटेवा - किसी भी अच्छे कार्य के लिए स्वयं की इच्छाशक्ति कार्य के प्रति समर्पण का होना आवश्यक है। किसी दूसरे को आगे आने की राह देखने से अच्छा है स्वयं से शुरुआत करें। इसी को चरितार्थ करता एक नेक कार्य कर रहा है जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर सलिहाभाठा गांव का उत्साही युवा हितेश दीवान।
गांवों में किसी सामाजिक, परिवारिक आदि कार्यक्रमों में तालाब का बड़ा महत्व होता है। इसी कड़ी में इस गांव का जुन्ना तालाब में पेड़ों का अभाव था। इस कारण से भरी धूप में भी लोग छांव को तरस जाते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए हितेश ने तालाब के मेड पर पेड़ लगाने का निश्चय किया। शुरू में उसने पीपल और नीम का पौधा लाकर लगाया। जानवरों और शरारती तत्वों के साथ नटखट बच्चों से भी पौधे को बचाना और नियमित पानी भी मिलता रहे इसका भी उपाय करने में थोड़ा श्रम धन लगा। किंतु दृढ़ निश्चय से हितेश ने इसे सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
पांच साल पहले शुरू किए इस सद्कार्य से आज तालाब के किनारे 10 पौधे पेड़ का रूप लेने लगा है। इसके कहीं भी खाली जगह देखकर पौधा लगाने में आगे आ जाता है। अब तो उनके इस काम मे अपने बेटे को भी शामिल कर लिया है, जिसने अपने जन्मदिन पौधा लगाकर मनाया। अगले कुछ ही सालों में हितेश के लगन से वहां पेड लोगों को शीतलता प्रदान करेगी। आज भी हितेश अपने द्वारा लगाए पौधों पर नियमित पानी देने के लिए मटका आदि और जानवरों से बचाने के लिए बाड़ा बंदी करता है। स्वयं तो यह कार्य करने के साथ ही लोगों को भी इस कार्य के लिए प्रेरित और जागरूक करता है। ज्ञात हो कि हितेश गाँव में युवा समूह में सक्रिय, गांव के छोटे बच्चों के लिए प्रेरक कार्यों के साथ सामाजिक सरोकारों के काम सदैव आगे रहता है।अन्य कार्यों की भांति इस कार्य के लिए भी गांव के लोग उनकी खूब प्रशंसा करते हैं। हितेश ने लोगों को इस बरसात में अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की है।
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