किरंदुल : भारत के नए कानून ,विशेष रूप से भारतीय न्याय संहिता बीएनएस का उद्देश्य देश की न्यायिक प्रणाली को आधुनिक और प्रगतिशील बनाना है।इन 3 नए कानूनों के बारे में जानकारी देते हुए किरन्दुल थाना उप निरीक्षक दीना नाथ वैष्णव ने नागरिकों को बताया कि पुराने बनाये गए कानून भारतीय दंड संहिता आईपीसी ,दंड प्रक्रिया संहिता सीआरपीसी और इंडियन एविडेन्स एक्ट को प्रतिस्थापित कर ये तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता बीएनएस ,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बीएनएसएस ,और भारतीय साछय अधिनियम बीएसए लाये गए है ।इनका मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता लाना है ।जिससे हर नागरिक को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिल सके।उल्लेखनीय हैं कि 1 जुलाई देशवासियों के लिए ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है और देश मे एक नई आपराधिक न्याय प्रणाली लागू हो जावेगी।अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 164 वर्ष पुराने कानून सिर्फ इतिहास का पन्ना बनकर रह जाएंगे।तारीख पर तारीख वाला जमाना इतिहास के पन्नों के नीचे दफन हो जाएगा।अब न्याय फाइलों के नीचे नहीं दबेगा ।
और त्वरित कार्यवाही होगी ।नई प्रणाली में सभी अभिलेख डिजिटल होंगे ।जिसमें कोर्ट ,पुलिस ,फोरेंसिक ,अभियोजन ,प्रिजन आपस मे जुड़ जाएंगे।अब फ़ाइल गायब नहीं होंगी कम्प्यूटर का एक बटन दबाने से न्यायालय एवं न्याय प्रणाली से जुड़े सभी पक्षों को पूरे अभिलेख उपलब्ध हो जाएंगे।इस दौरान मीरा तिवारी ,विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता ,भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मपाल मिश्रा ,पूर्व पार्षद मंजू छलिवाल ,सुनील गुप्ता ,वरिष्ठ पत्रकार रामकृष्ण बैरागी ,शेखर दत्ता ,अरुण कुमार शर्मा ,पूर्व पालिकाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।



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