राजनांदगांव : बौद्ध समाज डोंगरगढ़ तथा राजनंदगांव के प्रतिनिधि मंडल द्वारा मुख्यमंत्री जनदर्शन में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सामाजिक विषयों पर चर्चा की,जिसमे अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो का जाती प्रमाण पत्र बनाने में कठिनाइयों और जटिलताओं को सरल कर जाती प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए समाज ने अपनी महत्वपूर्ण बात रखी,बौद्ध समाज के लोगो का कहना है कि पूर्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा 1950 के दस्तावेजो की अनिवार्यता को सरल करने ग्राम पंचायत और अन्य निकायों को अधिकृत किया गया था, जिसके तहत विभिन्न कंडिकाओ के माध्यम से जाती प्रमाण पत्र जारी किए जाते रहे है।परंतु पिछली सरकार में इन नियमो का पालन नही किया गया,जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो को शिक्षा,व्यवसाय,नौकरियों, सहित प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित होना पढ़ रहा है,मुख्यमंत्री के रूप में रहते हुए डॉ. रमन सिंह द्वारा शिथिल नियमो की बात कही गई थीं।
उन्ही नियमो का हवाला देकर मुख्यमंत्री को सामाजिक बंधुओ ने जाती प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्देशित किया गया,मुख्यमंत्री को जानकारी से अवगत कराया कि नगर निगम राजनांदगांव में 300 से अधिक आवेदन लंबित प्रकरणों में अब तक कोई कार्यवाही नही की गई एवम डोंगरगढ़ नगरपालिका में 309 मामले अभी भी लंबित है, एस.डी.एम. राजनांदगांव एस.डी.एम. डोंगरगढ़ आवेदनकर्ताओ चक्कर लगाने के लिए मजबूर कर दिए है,निराकरण करने का नाम ही नही लिया जा रहा, गोलमोल बातें कर गुमराह किया जा रहा है,
विदित हो कि जाति प्रमाणपत्र संघर्ष मोर्चा के तत्वधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया था राज्य भर के प्रतिनिधयों के साथ राजनांदगांव में यह प्रदर्शन किया गया था,जिसमे हजारों की संख्या में बौद्ध समाज के लोगो ने अपनी बातों को रखा था।आज बौद्ध समाज के प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन देकर कार्यवाही करने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री द्वारा जाती प्रमाण पत्र को लेकर गम्भीरता नही दिखाई गई तो एक बड़ा आंदोलन करने समाज विचाराधीन होगा।प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से राजनांदगांव जिला जाति प्रमाण पत्र संघर्ष मोर्चा तथा डोंगरगढ़ के प्रतिनिधि मंडल उपस्थित रहे।
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