निजी स्कूलों के फीस पर नियंत्रण कर एक देश एक शिक्षा व्यवस्था लागू करे सरकार
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने देश में प्रदेश में डबल इंजन सरकार की शिक्षा नीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार शिक्षा को ज्ञानार्जन नहीं धनार्जन रुपी व्यवसाय/उद्योग बना कर परीक्षा की विश्वनीयता तार तार कर दी है प्रवक्ता दुबे ने कहा कि केंद्र और छ ग राज्य सरकार नई शिक्षा नीति की दुहाई देते पालकों छात्रों व जनता को सब्जबाग दिखा कर शिक्षा का व्यवसायीकरण कर सुनियोजित साजिश के चलते निजी स्कूलों को आम जनता को लूटने की खुली छूट दे दी है वहीं सरकारी स्कूलों में समय पर पुस्तक कॉपी उपलब्ध न करा कर यहां की शिक्षा व्यवस्था को बाधित कर निजी स्कूलों को फलने फूलने में मदद कर रहे है ।
निजी स्कूलों की कापी, पुस्तक, स्कूल ड्रेस भी एक विशेष दुकान से ही खरीदने की बाध्यता के चलते पालक बेबस लाचार एवं परेशान हैं शिकायतों के बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर पालक अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं के जी वन और kg2 के बच्चों को 15- 16 पुस्तक कापी देकर उनके बचपन को छीना जा रहा हैं वही नर्सरी के जी वन kg2 की कॉपी किताबें एक ही दुकान से 5 से 10 हजार में लेने पर सभी पालक बेबस है प्रतियोगी हो या नीट परीक्षा यमें जिस प्रकार के धांधली हुई वह पूरे देश के लिए शर्मसार घटना है।छ ग में संस्कृत शिक्षा की परीक्षा में जिस प्रकार से मुख्य मूल्यांकन उसके बाद पुनर्मूल्यांकन में परीक्षा परिणाम में हुई गड़बड़ी से छत्तीसगढ़ सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है एक देश एक कानून तो एक देश एक शिक्षा की आवश्यकता है दोनों सरकार में नैतिकता है तो निजी स्कूलों के एकाधिकार को समाप्त कर वहां एनसीईआरटी की किताबें जो उच्च स्तरीय होने के साथ-साथ कम दामों पर उपलब्ध होती हैं को अनिवार्य कर पूरे देश में एक शिक्षा पद्धति लागू करे और फीस नियामक आयोग के चलते फीस का निर्धारण सरकार करे।
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