राजनांदगांव : राजनांदगांव शहर की जन-जन की आवाज एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री- राजनांदगांव जिले के कलेक्टर एवं निगम के आयुक्त से यह मांग की है कि नगर पालिक निगम राजनांदगांव के महापौर परिषद के सचिव श्री संजीव कुमार मिश्रा के द्वारा सफाई ठेके के टेंडर के संकल्प पत्र क्र. १२ में शासन के नियम विरूद्ध दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने का समाचार पत्र राजनांदगांव पत्रिका एवं हरिभूमि समाचार पत्र में जो समाचार प्रकाशित हुआ है और निगम आयुक्त के द्वारा उक्त मामले में मेयर के निज सचिव को नोटिस देकर २ दिन में जवाब मांगा है उक्त समाचार पत्रों को संज्ञान में लेते हुए शासनहित और जनहित में दोषी महापौर परिषद के सचिव के खिलाफ एवं अन्य दोषियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने की मांग की एवं इस मामले में निगम की महापौर की लिखित/ मौखिक भूमिका के मामले में उनके खिलाफ भी अपराधिक प्रकरण शासन के नियम शर्तो के अनुसार दर्ज करवाया जाए। राजनांदगांव नगर पालिक निगम में २७ वार्ड के ठेके के लिए जो महापौर के निज सचिव ने परिषद के द्वारा पारित संकल्प क्र. १२ में जो छेड़छाड़ कर शासन के नियम विरूद्ध ई.एस.आई.सी. को विलोपित किये जाने का उल्लेख करते हुए अतिरिक्त शब्दों को जोडक़र दूसरा संकल्प तैयार किया जाकर दिनांक ०१/०७/२०२४ को महापौर परिषद की बैठक में सफाई ठेके से संबंधित मूल नस्ती में दूसरा संकल्प संलग्न कर जो प्रस्तुत किया गया उस सम्पूर्ण कार्यालयीन मूल नस्ती एवं प्रस्तुत किये गये दोनो संकल्प पत्र की विभागीय जाँच करवाई जाए।
कार्यालय नगर पालिक निगम राजनांदगांव के आयुक्त के द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जो कार्यालयीन पत्र क्र. १२९८/स्था./२०२४-२५ राजनांदगांव दिनांक ०९/०७/२०२४ को प्रति श्री संजीव मिश्रा व्याख्याता (सचिव महापौर परिषद) नगर पालिक निगम राजनांदगांव को जारी कारण बताओ सूचना एवं प्रतिलिपि प्रभारी सदस्य नगर पालिक निगम राजनांदगांव को सूचनार्थ जो पत्र बिंदु क्र. ३ जो पे्रषित किया गया है उस कारण बताओ सूचना पत्र में उक्त महापौर परिषद के सचिव के द्वारा अपना जवाब अपने वरिष्ठ अधिकारी निगम आयुक्त के समक्ष लिखित/मौखिक जो प्रस्तुत किया गया है उस संपूर्ण मामले में क्या कार्यवाही की गई है उसकी भी जांच निष्पक्ष करवाकर आम जनता के सामने सार्वजनिक करवाएं ।
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