खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने लगातार दूसरे दिन  की बड़ी कार्रवाई, 4000 किलो नकली पनीर जब्त

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने लगातार दूसरे दिन की बड़ी कार्रवाई, 4000 किलो नकली पनीर जब्त

रायपुर  : नकली पनीर बनाने का बड़ा अड्डा बना हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए निमोरा में नकली पनीर की फैक्ट्री पकड़ी है। छापेमारी के दौरान वहां भरी गंदगी में पनीर बनाने के साथ उसके पैकिंग का सामान बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान 4000 किलो नकली पनीर जब्त किया गया है, जिसे दूध के उपयोग के बिना इनग्रेडिएंट्स डालकर तैयार किया जाता था। बरामद पनीर की कीमत 15 लाख रुपए आंकी गई है। पनीर से बनने वाली सब्जी से लेकर अन्य पकवान सभी वर्ग के लोगों का पसंदीदा है। इसकी डिमांड त्योहार, शादी-ब्याह सहित विभिन्न आयोजन में काफी है।

खपत को देखते हुए आम लोगों की सेहत को जोखिम में डालने वाला नकली पनीर का धंधा भी बेहद फल-फूल रहा है। रायपुर में ही नकली पनीर बनाने का कारोबार जोर शोर से चल रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार दूसरे दिन की गई बड़ी कार्रवाई इसका प्रमाण है। सोमवार को बीरगांव में ढाई हजार किलो नकली पनीर के साथ बनाने वाला कारखाना पकड़ा गया था। उसी टीम को मंगलवार को और बड़ी सफलता मिली और निमोरा पुल के पास चलने वाली फैक्ट्री को खुलासा हुआ।

एसजे मिल्क प्रोडक्ट नामक इस फैक्ट्री में बिना दूध के उपयोग के पनीर तैयार किया जाता था। कंपनी का संचालक आकाश बंसल मूलतः मुरैना का रहने वाला है और पिछले एक साल से रायपुर की इस फैक्ट्री से गोरखधंधे के अंजाम दे रहा था। फैक्ट्री में तैयार होने वाले पनीर को पैक करने का सामान भी मिला है, जिसे जब्त कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान पनीर निर्माण से संबंधित किसी भी प्रकार के स्टॉक रजिस्टर, कीट रहित प्रणामपत्र, पैकिंग में पोषणकारी मान जैसे प्रोटीन की मात्रा आदि की जानकारी भी नहीं दी गई है।

भाठागांव से बुक नहीं हुआ पनीर

सोमवार को बीरगांव के काशी एग्रो फूड्स के बाद मंगलवार को एसजे मिल्क प्रोड्क्ट नामक फैक्ट्री में बनने वाले पनीर का 90 फीसदी धंधा ओडिशा पर निर्भर था। फैक्ट्री में बनने वाला पनीर पैक होकर टिकरापारा स्टैण्ड से छूटने वाली बसों में बुक कर वहां भेजा जाता था। दावा किया जा रहा है कि बसों के माध्यम से बड़ी मात्रा में पनीर रोज बुक होता है, मगर सोमवार से हुई कार्रवाई के बाद इसकी एक भी बुकिंग नहीं की गई है।

बदबूदार गंदगी में बनता था पनीर

जांच टीम ने फैक्ट्री में जब छापा मारा, तो वहां गंदगी का आलम था। पनीर बनाने के लिए जिस पानी का उपयोग किया जा रहा था, वह गंदा था। उपयोग की जाने वाली मशीन सहित अन्य सामान बेहद गंदे थे और वहां से उठने वाली बदबू भी असहनीय थी। छापेमारी के दौरान वहां धड़ल्ले से पनीर बनाने का काम चल रहा था। जांच टीम को देखकर मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैल गई थी।

जांच के लिए सैंपल

दोनों स्थानों से बरामद पनीर के सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय में पेश किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक चंदन कुमार के निर्देश पर कार्रवाई सहायक आयुक्त मोहित बेहरा, नितेश मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी ठाकुर, साधना चंद्राकर, अजित बघेल, सतीश राज की मौजूदगी में की गई।








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