सरकारी नाले में अतिक्रमण करने का मामला,जोन दफ्तर के अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

सरकारी नाले में अतिक्रमण करने का मामला,जोन दफ्तर के अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

रायपुर :  सरकारी नाले में अतिक्रमण करने का मामला सामने आया है। साथ इस मामले में जोन दफ्तर के अधिकारी पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा है। राकेश सिंह बैस का कहना है कि बसंतकृपा सहकारी गृह निर्माण समिति मर्यादित (सेंचुरी कॉलोनी) पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, पंजीयन क्रमांक 126/86-87 में नाले के पाटकर समिति द्वारा आबंटित 2400 वर्गफूट के भूखंडों को भूखंड/ मकान क्रमांक बी/01 से लेकर भूखंड क्रमांक बी/10 तक के निवासियों द्वारा पीछे के सरकारी नाले जिसपर मास्टरप्लान में 80 फूट की सड़क जो कि बंजारी नगर से जायका ऑटोमोबाइल तक के लिए प्रस्तावित है, जिसे पूरी तरह से पाटकर अपने भूखंडों को 6 से 7 हजार वर्गफुट कर लिया गया है, अतिक्रमण कर बाड़ी बगीचा के साथ ही पक्का निर्माण एवं बाउंड्री भी बना ली गई है, पक्का निर्माण कर किरायेदारों को किराए पर देकर प्रति माह हजारों रुपए की कमाई की जा रही है, जिसकी शिकायत मेरे द्वारा आयुक्त नगर निगम, कलेक्टर रायपुर एवं जोन कमिश्नर से की गई परन्तु खाना पूर्ति करते हुए एक नोटिस थमाकर जोन 5 के अधिकारी कार्यवाही से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

अतिक्रमण करने वालों में 1. बी/0 रत्नेश तिवारी, 2. बी/02 सुशीला बजाज, 3. श्यामलाल शर्मा, 4. बी/04 प्रतीक दुबे, 5. बी/05, आशीष हटवार, 6. बी/06 वंदना संजय तैलंग, 7. संजय तैलंग, 8. अविनाश सक्सेना, 9. बी /09 संदीप वनसुत्रे, 10. बी/10, शैलेश वैद्य शामिल हैं। कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में आयुक्त जोन क्रमांक 05 के समक्ष सूचना का अधिकार अधिनियम कानून 2005 के तहत जानकारी की मांग की गई है, जिस पर राकेश सिंह बैस ने कहा, अगर कार्यवाही नहीं की जाती है तो मै माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उक्त अतिक्रमण को हटाए जाने की प्रार्थना करूंगा । ज्ञात हो कि बरसात के दिनों में निकासी ना होने के कारण दीनदयाल उपाध्याय नगर का पानी सेंचुरी कॉलोनी में आकर घुटनों तक भर जाता है, जिसका प्रमुख कारण नाले पर अतिक्रमण किया जाना है, निकासी नहीं होने के कारण जलभराव हो जाता है।










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