छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में ईडी (ED) की कार्रवाई के बाद प्रदेश में सियासत गरमाने लगी है. इसी कड़ी में बुधवार को छत्तीसगढ़ पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने सनसनीखेज बयान दिया. उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कवासी लखमा पर भाजपा ने पार्टी में शामिल होने का दबाव बनाया गया था. सिंहदेव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कवासी लखमा को ऑफर दिया था कि वह भाजपा में शामिल होते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी.
दरअसल, शिवरात्रि के दिन छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने अपने एक निजी तालाब में के चारों ओर सौंदर्यीकरण करते हुए छठ घाट निर्माण कार्य के लिए भूमि पूजन किया. इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्हें कहा कि पिछले दिनों ED के अधिकारियों की ओर से एक नोटिस दिया गया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यालय भवन निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी गई. नोटिस में कांग्रेस निर्माण करने के ठेकेदार की भी जानकारी मांगी गई और 27 फरवरी तक जवाब देने के लिए कहा गया.
अजीत पवार का उदाहरण देकर बोले...
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने पूर्व कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा का बचाव करते हुए कहा कि ED को जो डायरी मिली है, उस डायरी को कैसे लिखा गया, एक दिन यह भी छत्तीसगढ़ की जनता के सामने आयेगा. उन्होंने ने कहा कोई भी एक डायरी लाएगा, उसमें कुछ भी लिख देगा और इस आधार पर ED कार्यवाही शुरू कर देगी, यह ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल अफवाह के सहारे किसी पर भी आरोप लगाते हुए उसे जेल में डालना, इस सरकार का एक शगल बन गया है. पूर्व डिप्टी सीएम ने महाराष्ट्र के एनसीपी नेता अजीत पवार का नाम लेते हुए कहा कि उनके ऊपर 60 से 70 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, सबके सामने है.
भाजपा ने बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
सिंहदेव के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस के नेताओं पर कार्रवाई होती है, तो वे किसी पर भी सवाल उठा देते हैं. कांग्रेस तो सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर देती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जांच एजेंसी की कार्रवाई पर इस तरह सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है.
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