छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु गुजरा में किया गया फाग उत्सव का आयोजन 

छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु गुजरा में किया गया फाग उत्सव का आयोजन 

बालोद :  छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सेवानिवृत्त आईएएस जी आर चुरेन्द्र के अभिनव प्रयासों से 02 मार्च को बालोद विकासखण्ड के ग्राम गुजरा के राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण में फाग उत्सव का आयोजन किया गया। गुजरा में आयोजित इस फाग उत्सव में ग्राम गुजरा सहित संपूर्ण बालोद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोक पहुँचे थे। कार्यक्रम के आयोजन के उद्देश्य के संबंध में जानकारी देते हुए सेवानिवृत्त आईएएस जी आर चुरेन्द्र ने बताया कि इस फाग उत्सव के माध्यम से हमारे छत्तीसगढ़िया समाज व पुरखों की पुरातन व्यवस्था, तीज-त्यौहार की मौलिकता को बनाए रखने का अभिनव प्रयास किया गया है। इसके अलावा इसके माध्यम से फाग गीत के मूल रूप से संस्कृति व आध्यात्मिकता को प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़िया समाज को सहेजने व जोड़ने का भी प्रयास किया गया है।

इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न जातीय व समाज के प्रतिनिधि मुखिया एक साथ मिलकर अन्र्तसंबंधों को बढ़ाते हुए मित्रभाव व एक परिवार के रूप में रहते हुए परस्पर भाईचारा, सद्भावना व सहयोग का वातावरण बनाए रखने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न स्थानों के लोगों ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कराकर कार्यक्रम को अपार स्नेह एवं सहयोग प्रदान किया है।










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