बेमेतरा टेकेश्वर दुबे।06 मार्च 2025:- आगामी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का संचालन कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में किया गया, जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेस सिंह सिसोदिया और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सी.पी. शर्मा का विशेष मार्गदर्शन रहा।
परियोजना नांदघाट के अंतर्गत कोरवाय, संबलपुर, मारो और कुंरा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, घरेलू हिंसा से बचाव और महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों से अवगत कराना और उनके खिलाफ हो रही हिंसा को रोकना था।
सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर सरिता शर्मा और इंद्राणी सिंह ने महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में महिलाओं को घरेलू हिंसा, लिंग भेदभाव, पॉक्सो एक्ट और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी दी गई।
सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ
काउंसलिंग: महिलाओं और लड़कियों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करना।
चिकित्सा सहायता: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए चिकित्सा सेवाएँ।
कानूनी सहायता: महिलाओं के अधिकारों की रक्षा हेतु कानूनी सहयोग।
आश्रय सेवाएँ: सुरक्षा और समर्थन के लिए अस्थायी आश्रय प्रदान करना।
पुनर्वास सेवाएँ: जीवन में आत्मनिर्भरता के लिए पुनर्वास योजनाएँ।
इसके अतिरिक्त, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत बाल विवाह की रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यदि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह किया जाता है, तो दोषी व्यक्ति को 2 साल तक के कठोर कारावास की सजा हो सकती है। इस दौरान चाइल्डलाइन बेमेतरा के अधिकारियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी, जिससे किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। इस जागरूकता कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और सुपरवाइजर्स सहित अनेक लोग उपस्थित रहे ।
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