रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर छ्त्तीसगढ़ की सियासत गर्माती रही है और सियासी घमासान मचता रहा है. पीएम आवास को लेकर सियासत ऐसी कि 2023 में बीजेपी ने मुद्दा बनाया और प्रदेश में सरकार बना ली. अब एक बार फिर कांग्रेस ने पीएम आवास को लेकर साय सरकार को सदन में घेरा है. पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सदन में पेश आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों में अंतर को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से जवाब मांगा, जिसपर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायक हंगामा करते हुए सदन से वॉक आउट कर गए.
प्रश्नकाल में हुआ हंगामा
पीएम आवास को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, 'प्रश्नकाल में सदन में प्रधानमंत्री आवास का साधारण प्रश्न पूछा गया. 2016 रमन कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास का काम पूरा नहीं हुआ. कांग्रेस पर आरोप लगाया गया कि कांग्रेस शासनकाल में कोई काम नहीं हुआ. आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए थे. 6 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास कांग्रेस कार्यकाल में बने. आंकड़ों के अनुसार, सरकार का झूठ पकड़ा गया. 2011 के सर्वे सूची के आधार पर आवास योजना बनी थी. सदन में उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास पर सबको गुमराह किया.'
पीएम आवास योजना में हर साल के लिए एक लक्ष्य तय किए जाते हैं, जिसके तहत राज्य सरकार को अपने हिस्से का राज्यांश जमा करना होता है. इसके अनुरूप केंद्र पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान करती है.
पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने दिया जवाब
भूपेश बघेल के सवाल का पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा, 'छत्तीसगढ़ में कुल 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बने हैं. सरकार 18 लाख आवास बनाने का काम कर रही है. भूपेश कार्यकाल में 3 लाख प्रधानमंत्री आवास बने हैं. छत्तीसगढ़ में कुल 11 लाख 58 हजार 919 आवास बने है. साय सरकार में 2 लाख से अधिक आवास बनाए गए. केंद्र ने 17 राज्यों को आवास प्लस में आवास दिए हैं. भूपेश सरकार ने सभी आवास को अमान्य कर दिया था.'
क्या है पीएम आवास योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान, 2015 में गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की थी. इस योजना में 2011 की जनगणना को आधार मानते हुए सभी राज्यों के लिए पीएम आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. इसके तहत छत्तीसगढ़ में कुल 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए. इस योजना के तहत हितग्राहियों को केंद्र सरकार 60 फीसदी राशि उपलब्ध कराती है. राज्य सरकार को 40 फीसदी राज्यांश के रूप में देना होता है.
पहले भी हुई है मुद्दे पर राजनीति
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार में पीएम आवास में काम नहीं होने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने विभाग से इस्तीफा दे दिया था. इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को लगातार घेरा, जिसका फायदा बीजेपी को चुनाव में मिला. वहीं, सत्ता में आते ही साय कैबिनेट की पहली बैठक में ही 18 लाख पीएम आवास को मंजूरी दी गई.
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