बतौर प्रधानमंत्री 11 साल में पहली बार नरेंद्र मोदी आरएसएस मुख्यालय पहुंचे,जानें क्या है वजह?

बतौर प्रधानमंत्री 11 साल में पहली बार नरेंद्र मोदी आरएसएस मुख्यालय पहुंचे,जानें क्या है वजह?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागपुर दौरे की चर्चा राजनीतिक गलियारों में कई कारणों से हो रही है. बतौर प्रधानमंत्री 11 साल में पहली बार नरेंद्र मोदी आरएसएस के श्रद्धा केंद्र स्मृति स्थल पहुंचे.

पीएम नरेंद्र मोदी का नागपुर में आरएसएस मुख्यालय दौरा केवल एक साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि इसके कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. पिछले दिनों इस तरह की बातें सामने आई थी और उसमें दावा किया जा रहा थआ कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नागपुर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापकों को श्रद्धां सुमन अर्पित की और स्मृति मंदिर में आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार साझा किए.

उन्होंने लिखा, स्मृति मंदिर आकर अभिभूत हूं. यह स्थली हमें राष्ट्र की सेवा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देती है. पीएम मोदी ने नागपुर में संघ के स्मृति स्थल पर पहुंचकर आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गुरु गोलवलकर को श्रद्धांजलि दी."

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पीएम मोदी ने पुराने दिनों को किया याद

खास बात ये है कि इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत और वरिष्ठ प्रचारक भैया जी जोशी दोनों मौजूद रहे. स्मृति मंदिर में श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी ने स्थानीय स्वयंसेवकों से मुलाकात की और अपने पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने संघ के साथ अपने जुड़ाव और अनुभवों को साझा किया. इससे यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी और संघ के बीच एक मजबूत संबंध और गहरा लगाव है.

दीक्षा भूमि से पीएम मोदी सीधा नागपुर में गुरु गोलवलकर की स्मृति में बनाए जा रहे माधव नेत्रालय के प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखने पहुंचे, जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया.

मंच पर ही संघ प्रमुख और पीएम मोदी दोनों की 3-4 मिनट तक गुफ्तगू भी हुई. कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को सुनने के लिए उत्सुक हूं. उन्होंने अपने भाषण में समाज सेवा और मानवता के प्रति आरएसएस के योगदान का जिक्र किया.

पीएम ने कहा-सेवा का मतलब स्वयंसेवक

इसके बाद पीएम मोदी ने मंच से आरएसएस के प्रति अपने विचार, उनका पुराना लगाव की तमाम बातें शेयर की. पीएम मोदी ने कहा संघ भारत का एक ऐसा वटवृक्ष है, जिसकी टहनियां समाज के अनेक क्षेत्रों में अक्षयवट की भांति सेवा के काम में लगी हैं. पीएम ने साफ कहा-सेवा का मतलब स्वयंसेवक.

पिछले कुछ समय से संघ और बीजेपी के बीच मतभेदों की खबरें चर्चा में थीं. खासकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक साक्षात्कार में जब ये कहा कि पहले बीजेपी अक्षम थी, लेकिन अब सक्षम है लिहाजा अपने फैसले खुद लेती है, लेकिन पीएम के आज के इस नागपुर दौरे और मंच साझा करने के बाद इन अटकलों पर विराम लगाने का प्रयास किया गया.

मंच पर भी प्रधानमंत्री मोदी और सरसंघचालक मोहन भागवत मुस्कराते और बात करते नजर आए. कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रधानमंत्री मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की बातचीत को दोनों के बीच अच्छे संबंधों का संकेत बताया जा रह है. बाद में मंच पर मौजूद अवधेशानंद गिरि महाराज ने संघ और बीजेपी के बीच किसी भी तरह की कड़वाहट होने की बात को नकार दिया.

पीएम ने बताई आरएसएस की 100 साल की गौरवशाली यात्रा

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 साल की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए इसके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि संघ राष्ट्रसेवा के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है और समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है.

असल बात ही है की पीएम मोदी के इस दौरे को बीजेपी और संघ के संबंधों को फिर से मजबूती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. इस दौरे के जरिए संघ और बीजेपी के बीच की दूरियों को कम करने का संकेत भी दिया गया है. अब देखना होगा कि आज की ये मुलाकात क्या बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के उलझे तार को सुलझा पाता है.

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