रायपुर : छत्तीसगढ़ में महिलाओं और अबोध बच्चियों के खिलाफ दिनोदिन बढ़ते अपराधिक कृत्यों, दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाओं पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लैतफलांग ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश की महिलाओं का भरोसा पूरी तरह से खो चुकी है। मां महामाया और दंतेश्वरी की इस पवित्र भूमि में भाजपा की सरकार आने के बाद नवरात्र के पावन पर्व में नवमी कन्या पूजन के दिन भी प्रदेश में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ अनाचार की घटना होती है, उसके बाद राजधानी रायपुर में 3 साल की बच्ची से यौनशोषण के मामले आते हैं, ऐसी एक दो नहीं बल्कि हजारों मामले बीते एक वर्ष के दौरान सामने आए हैं। इसी सरकार के द्वारा विधानसभा में जो आंकड़े दिए गए उसके अनुसार वर्ष 2024-25 के बीच छत्तीसगढ़ में 3191 बलात्कार के केस दर्ज हैं, अपहरण की 3644 घटनाएं विभिन्न स्थानों में दर्ज किए गए जमीनी हकीकत इससे भी भयावह है। कानून व्यवस्था के मामले में साय सरकार पूरी तरह से असहाय साबित हुई है। राज्य में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ होने वाले आनाचार की घटनाएं बेहद शर्मनाक है।
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भारतीय जनता पार्टी की सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को भय मुक्त वातावरण देने में पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है। हत्या, लूट, अपहरण और डकैती में रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ बन चुका है और रायपुर चाकूपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लैतफलांग ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पीड़ित को ही प्रताड़ित करने का चलन है जिसके चलते अपराधी बेखौफ और अपराध बेलगाम हो चुका है। पूर्व में भिलाई डीपीएस में मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया था, तब भी प्रशासन के द्वारा पीड़ित परिवार पर अनुचित दबाव बनाकर मामले पर लीपापोती कर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार का फोकस केवल कमीशन कोरियर भ्रष्टाचार में है जिसके चलते अपराध अनियंत्रित हो गया है खास तौर पर प्रदेश में महिलाएं बेहद असुरक्षित हो गई है छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश में भी भाजपा की सरकार आने के बाद से औसतन प्रतिदिन 8 से 9 दुराचार की घटनाएं प्रदेश की महिलाओं के साथ घट रही है, अर्थात लगभग हर 3 घंटे में एक न एक महिला या बच्ची दुष्कर्म की शिकार हो रही है लेकिन सरकार हाथ पर हाथ भर बैठी है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लैतफलांग ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं की समृद्धि के लिए शानदार काम किया। अपराध नियंत्रित थे और कोई भी अपराधी पुलिस के गिरफ्त के बाहर नहीं था। बस्तर में दुर्गा और दंतेश्वरी बटालियन जैसे महिला कमाण्डो तैयार किया, डीआरजी में महिलाओं की भर्ती की। गोठानो के माध्यम से महिला समूहो को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया, डेनेक्स जैसे बॉन्ड की स्थापना करके महिलाओं के भीतर उद्यमिता के साथ सहकार की भावना का विकास और सुरक्षा की भावना जागृत की लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक तौर पर पीछे धकेला जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध से प्रदेश में भय का माहौल है। आदिवासी क्षेत्रों के आश्रम स्कूलों, कोटा केबिन में बच्चियों से दुष्कर्म, मासूमों की जलकर मौत होना, प्रशासनिक लापरवाही और अत्याचार के चलते सुदूर अंचलों में अबोध बच्चियां मां बन रही है, नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेड़छाड़ की घटना, बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म अपहरण और चाकू बाजी की घटनाओं से प्रदेश की आधी आबादी डरी हुई है लेकिन यह सरकार गूंगी बहरी बनी है।
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