रायगढ़ : रायगढ़ जिले में दूसरी गाडिय़ों के डुप्लीकेट या नकली नंबर प्लेट लगाकर जबर्दस्त काम किया जा रहा है। कोयला खदान, एफसीआई गोदाम, धान संग्रहण केंद्र, खाद परिवहन सभी जगहों पर ऐसी गाडिय़ों की संख्या बहुत ज्यादा है। लैलूंगा के एक राइस मिलर की गाड़ी का नकली नंबर प्लेट दूसरे ट्रक में लगाकर परिवहन का काम हो रहा था। ओडिशा के टोलगेट में चालान कटने पर खुलासा हुआ। इसके पहले बरौद खदान में भी दूसरी गाड़ी का नकली नंबर प्लेट बनाकर कोयला लोडिंग करवाया जा रहा था। लैलूंगा के महालक्ष्मी राइस मिल संचालक आर्यन जैन के पास ट्रक क्रमांक सीजी 14 ए 3871 है।
रविवार को उनका ट्रक राइस मिल परिसर में ही खड़ा था लेकिन ओडिशा के परिवहन बंडालो टोलगेट में गाड़ी का चालान कट गया। बिना परमिट के वाहन चलाने के कारण दस हजार रुपए का चालान काटा गया। अब वे इसकी शिकायत पुलिस और आरटीओ में करने वाले हैं। इस बात का पता कैसे चलेगा कि कौन उनके ट्रक का नकली नंबर प्लेट लगाकर ओडिशा गया। यह अलग तरह का अपराध है। ऐसा कारनामा पहले भी एफसीआई के गोदाम में हो चुका है। भारतीय खाद्य निगम भी फर्जी गाडिय़ों से चावल ढुलाई करवाता है। आरटीओ उडऩदस्ता टीम ने रैक प्वाइंट एक ऐसी गाड़ी को जब्त किया था जिसका पंजीयन नंबर अलग था और चेसिस नंबर अलग।
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भारतीय खाद्य निगम के खरसिया डिपो से रैक प्वाइंट तक चावल ले जाने वाले एक ट्रक को रोककर जांच की गई थी। ट्रक क्रमांक सीजी 04 जेए 8477 का मालिक कपिल शर्मा पिता ओमप्रकाश शर्मा निवासी वार्ड 11, गंज पीछे खरसिया है। परिवहन विभाग के डाटाबेस के मुताबिक इस गाड़ी का चेसिस नंबर 426031 बीआरजेड 205097 होना चाहिए। आरटीओ ने जब जांच की तो चेचिस नंबर को उसे खुरच दिया गया था। केवल अंतिम तीन डिजिट 581 ही नजर आए। मतलब चेसिस नंबर अलग था। नंबर प्लेट बदलकर गाड़ी चलाई जा रही थी। गाड़ी को जब्त कर खरसिया पुलिस की कस्टडी में दिया गया था लेकिन पुलिस ने जांच नहीं की। डिपो मैनेजर से सांठगांठ कर ऐसी गाडिय़ों की एंट्री करवाई जाती है जिसका फिटनेस व बीमा भी नहीं होता।
इलेक्ट्रिक स्कूटी का था इंश्योरेंस
खरसिया में एफसीआई डिपो मैनेजर और परिवहन ठेकेदार की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा चल रहा है। खरसिया में कम से कम सौ ऐसे ट्रक चल रहे हैं, जो फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलते हैं। गाड़ी क्रमांक सीजी 04 जेबी 0537 आरटीओ के डाटा बेस में अदर स्टेट व्हीकल के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके मालिक ओमप्रकाश शर्मा पिता जगदीश प्रसाद शर्मा निवासी खरसिया हैं। निर्माण वर्ष 2008 है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड से एक साल का इंश्योरेंस कराया गया था। बीमा में सीजी 04 जेबी 0537 को हीरो इलेक्ट्रिक कंपनी की मोटराइज्ड टू व्हीलर्स यूज्ड फॉर कैरिंग पैसेंजर्स लिखा हुआ है। इसका प्रीमियम मात्र 1446 रुपए का था। इस गाड़ी का मैन्युफैक्चरिंग ईयर 2023 और आरटीओ लोकेशन नागपुर था। इस मामले में मास्टरमाइंड कुलदीप सिंह का नाम आया लेकिन पुलिस और आरटीओ ने मामला दबा दिया।
जो ट्रेलर पकड़ा गया, वह किसका था
बरौद माइंस में भी ऐसी ही एक गाड़ी को पकड़ा गया जिसमें फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कोयला लोड कराया जा रहा था। टीआरएन कंपनी का कोयला उठाने गाड़ी पहुंची थी। उसी में वराई एसोशिएट की भी कई गाडिय़ां लगी हुई थी। ट्रेलर क्रमांक सीजी 13 वाय 7136 जो छाल वराई कैम्प में खड़ी थी लेकिन उसका लोकेशन बरौद एसईसीएल कोयला खदान दिख रहा है। डीओ लिफ्टर प्रेम किशोर से ट्रेलर के बारे में पूछा गया, पता चला कि सीजी 13 वाय 7136 ट्रेलर बरौद में कोयला लोडिंग के लिए पहुंची है। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कोयला चोरी करने की नीयत से ट्रेलर लाया गया है। झारखंड के दो आरोपियों को पकड़ा गया। इस मामले में घरघोड़ा पुलिस को यह नहीं पता चला कि जो ट्रेलर पकड़ा गया, वह किसका है, उसका मालिक कौन है।
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