रायपुर : गुरुवार को रायपुर में आए आंधी-तूफान ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इस तूफान के चलते शहर में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई और कई स्थानों पर पेड़, होर्डिंग्स और अन्य संरचनाएं गिर गईं।वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक तेज़ हवाओं और बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी चेतावनी दी गई है.
तूफान का प्रभाव
गुरुवार को आए तूफान ने रायपुर के तरपोंगी टोल को पूरी तरह से उड़ा दिया। तेज़ हवाओं के कारण लोहे की संरचना सहन नहीं कर पाई और पास में गिर गई। इस घटना में जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। इसके बाद शहर में घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही.
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बिजली की आपूर्ति में बाधा
राज्य के विभिन्न हिस्सों में पेड़ गिरने और होर्डिंग्स उड़ने के कारण बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। रायपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 150 से अधिक मोहल्लों में बिजली चली गई, जिससे लगभग 10 लाख लोग प्रभावित हुए और उन्हें बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ा.
दुखद घटनाएं
बेमेतरा जिले के राखी जोबा स्थित राइस मिल में आंधी-तूफान के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। धान की बोरियों के गिरने से यह हादसा हुआ, जिसमें दोनों मजदूर दब गए। इसके अलावा, एक पेड़ गिरने से एक मवेशी की भी मौत हो गई.
रायपुर में बिजली संकट
रायपुर में आंधी-तूफान के कारण 10 घंटे तक बिजली की आपूर्ति ठप रही। शाम 4 बजे बिजली चली गई और कई क्षेत्रों में रात 2 बजे या सुबह 5 बजे के बाद ही बिजली वापस आई। इस दौरान लोग अंधेरे में परेशान रहे, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मच्छरों से काफी दिक्कतें हुईं.
बिजली विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार, रायपुर के कई क्षेत्रों जैसे टिकरापारा, कबीरनगर, डीडी नगर, गुढ़ियारी, बोरिया खुर्द और मोवा में बिजली गुल थी। लोग शिकायतें दर्ज कराने के लिए केंद्रों पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शिकायतों का समाधान नहीं हो सका. एक मामले में तो कर्मचारियों ने काम खत्म होने के बाद केंद्र छोड़ दिया और फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया.
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