भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला :EOW के बाद ED की एंट्री, एफआईआर के साथ जांच रिपोर्ट किया तलब…

भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला :EOW के बाद ED की एंट्री, एफआईआर के साथ जांच रिपोर्ट किया तलब…

रायपुर  :  भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले को अंजाम देने वाले आरोपियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. इस घोटाले की जांच में ईओडब्ल्यू के बाद अब ईडी की एंट्री हो गई है. ईडी ने ईओडब्ल्यू से घोटाले को लेकर दर्ज एफआईआर के साथ जांच रिपोर्ट तलब किया है.ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट में करोड़ों रुपए ज्यादा मुआवजा लेने वाले 11 से ज्यादा जमीन मालिक, दलालों को आरोपी बनाया गया है.

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी – शरीर से ही नही दिल से भी हिंदुस्तानी होना होगा 

इनमें से जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा, विजय जैन, उमा देवी और केदार तिवारी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. इनके अलावा मामले में जल संसाधन विभाग के दीपक देव, नरेंद्र नायक, जीआर वर्मा के साथ कोटवार यशवंत कुमार, कारोबारी विनय गांधी समेत अन्य लोगों आरोपी बनाया गया है. यहां तक घोटाले में करोड़ों रुपए कमाने वाले जिला पंचायत सदस्यों को भी ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए बुलाया है.

गौरतलब है कि रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किमी लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे का अधिकतर कार्य पूर्ण हो गया है. इस एक्सप्रेसवे के जरिए छत्तीसगढ़ से ओडिशा होते हुए आंध्र प्रदेश पहुंच सकेंगे. यह रायपुर को धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम शहर को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे विशाखापट्टनम बंदरगाह पर समाप्त होगा. इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है.

भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला

छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 किमी सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्सलेन सड़क बनना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने कई किसानों की जमीनें अधिग्रहित की है. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है, लेकिन कई किसानों को अब भी मुआवजा नहीं मिल सका है. विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद इस मामले में जांच का फैसला लिया गया था.

क्या है भूमि अधिग्रहण नियम?

भूमि अधिग्रहण नियम 2013 के तहत हितग्राही से यदि 5 लाख कीमत की जमीन ली जाती है, तो उस कीमत के अलावा उतनी ही राशि यानी 5 लाख रुपए सोलेशियम के रूप में भी दी जाएगी. इस तरह उसे उस जमीन का मुआवजा 10 लाख दिया जाएगा. इसके तहत 5 लाख की यदि जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उसके 10 लाख रुपए मिलेंगे और 10 लाख रुपए सोलेशियम होगा. इस तरह हितग्राही को उसी जमीन के 20 लाख रुपए मिलेंगे.

ये भी पढ़े : राजनांदगांव : नगर सैनिक के 500 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments