जानिए आपके अधिकार!वाहन चेकिंग के नाम पर नहीं निकाल सकते चाबी,जानिए मोटर व्हीकल एक्ट, IPC और नई BNS 2023 के तहत आपके अधिकार

जानिए आपके अधिकार!वाहन चेकिंग के नाम पर नहीं निकाल सकते चाबी,जानिए मोटर व्हीकल एक्ट, IPC और नई BNS 2023 के तहत आपके अधिकार

सड़क पर अक्सर पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग की जाती है, लेकिन कई बार यह चेकिंग प्रक्रिया कानून के दायरे से बाहर जाकर की जाती है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि नागरिक अपने कानूनी अधिकारों और पुलिस की सीमाओं को जानें। मोटर वाहन अधिनियम 1988, भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) के अंतर्गत नागरिकों के अधिकार स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं।

ये भी पढ़े :  मुखिया के मुखारी – सईंत्ता ला झन डोलाव रे जुटहा सरकार कहवाहू 

1. पुलिसकर्मी आपकी गाड़ी की चाबी नहीं निकाल सकता

कोई पुलिस अधिकारी बिना वैध कारण और आदेश के आपकी गाड़ी की चाबी नहीं निकाल सकता।

IPC की धारा 341 (गलत तरीके से रोकना) अब BNS की धारा 124 के अंतर्गत आती है।

जबरन चाबी निकालना BNS धारा 125(2) (स्वतंत्रता में बाधा) के तहत एक दंडनीय अपराध है।

यह अधिकारों के उल्लंघन और शक्ति के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।

2. चालान करने का अधिकार किसे है?

मोटर व्हीकल अधिनियम, 1988 की धारा 213(1) के अनुसार:

केवल परिवहन विभाग (RTO) के अधिकारी

अथवा प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस अधिकारी
ही चालान की कार्यवाही कर सकते हैं।

आम ड्यूटी पर लगे हुए पुलिसकर्मी यदि अधिकृत नहीं हैं, तो चालान नहीं कर सकते।

ये भी पढ़े : अंबिकापुर जिले में नाबालिग बेटे ने अपनी मां को इस वजह से उतारा मौत के घाट

3. पुलिसकर्मी की वर्दी और पहचान आवश्यक

मोटर व्हीकल अधिनियम की धारा 132 कहती है कि वाहन चेकिंग करते समय पुलिस अधिकारी को वर्दी में रहना चाहिए वैध पहचान पत्र प्रदर्शित करना चाहिए बिना वर्दी और पहचान के वाहन रोकना अवैध है।

4. दुर्व्यवहार की शिकायत आपका अधिकार

यदि कोई पुलिसकर्मी आपके साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार या धमकी देता है।  

IPC की धारा 504, 506 और अब BNS की धारा 131 व 137 के तहत यह दंडनीय अपराध है।

आप ऐसे मामलों की शिकायत कर सकते हैं

नजदीकी थाने में

जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में

राज्य/केंद्र के जन शिकायत पोर्टल पर

5. नियमों का पालन करना भी है जरूरी

नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए

ड्राइविंग लाइसेंस,

वाहन के कागजात,

बीमा,

हेलमेट / सीट बेल्ट आदि हमेशा साथ रखें।

यातायात नियमों का पालन आपकी सुरक्षा और कानूनी जिम्मेदारी दोनों है।

निष्कर्ष 

> “अधिकार जानना आपका हक है, उसका प्रयोग करना आपकी ताकत। लेकिन संयम और विवेक के साथ प्रयोग करना ही आपकी असली पहचान है।”










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments