कोंडागांव : प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शनिवार को कोंडागांव स्थित कोकोनट रिसर्च सेंटर का दौरा किया और केंद्र की विविध गतिविधियों की खुले दिल से सराहना की। यह रिसर्च सेंटर राज्य में नारियल विकास बोर्ड का एकमात्र केंद्र है, जो नारियल की उन्नत खेती के साथ-साथ किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। करीब 100 एकड़ में फैला यह केंद्र सिर्फ नारियल तक सीमित नहीं है, बल्कि कोको, कॉफी, काली मिर्च, केला, लीची और हल्दी जैसी फसलों की उन्नत किस्मों पर भी शोध और उत्पादन कर रहा है। किसानों को इन फसलों की जानकारी देने के साथ-साथ हर वर्ष एक लाख पौधे निशुल्क वितरित किए जाते हैं, जो खेती को समृद्ध करने की दिशा में एक ठोस पहल है।
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इस रिसर्च सेंटर में नारियल के फल से मिठाइयाँ बनाई जा रही हैं और उसके खोल से आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार की जा रही हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केंद्र के निरीक्षण के बाद कहा, “यह संस्थान आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ा रहा है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए कृषि नवाचार का प्रेरणास्रोत भी बन चुका है।”
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कोंडागांव का यह कोकोनट रिसर्च सेंटर अब सिर्फ एक शोध संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि और कृषि विकास का सशक्त मॉडल बनकर उभर रहा है।

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