दंतेवाड़ा:जिला दन्तेवाड़ा में सीआरपीएफ व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गाॅव-गाॅव तक किया जा रहा है, इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, माओवादी संगठनों के भीतर आंतरिक मदभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों सेे तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके 04 ईनामी सहित कुल 09 माओवादियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत दिनांक 23 मई को डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये।
उक्त माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी/बस्तर फाईटर्स, आरएफटी (आसूचना शाखा) दन्तेवाड़ा, 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा का विशेष योगदान रहा।
लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 236 ईनामी सहित कुल 984 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ हैं।
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