नगरी : उदन्ती सीतानदी टाइगर रिजर्व फारेस्ट मे लगभग एक सप्ताह से एक टाइगर विचरण कर रहा है जहा वन विभाग द्वारा टाइगर को ट्रेक करने जंगलो मे सौ से अधिक ट्रेप कैमरा भी लगाया गया मगर टाइगर की तस्वीर ट्रेप कैमरा मे आठ दिनो बाद टाइगर की तस्वीर कैद हुई उसी स्थान के आसपास ही टाइगर ने मवेशी को भी अपना शिकार बनाया.
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उल्लेखनीय है की सीतानदी उदन्ती अभ्यारण्य गरियाबंद के टाइगर रिजर्व फारेस्ट मे आता है जहा गरियाबंद मे पाच रेन्ज व धमतरी जिले मे तीन रेन्ज है गरियाबंद जिला उडीसा से लगा हुआ है और अक्सर गरियाबंद जिले मे टाइगर की आहट आम लोगो को सुनाई भी देती है व गरियाबंद के ही कुल्हाडीघाट क्षेत्र मे एक बार टाइगर ट्रेप कैमरा मे भी कैद हो चुका है मगर धमतरी जिले मे कभी टाइगर की आहट नही आई और इस क्षेत्र मे कभी टाइगर की पुष्टी भी नही हुई मगर 18 मई को अरसीकन्हार रेन्ज के संदबहारा मे टाइगर के पद चिन्ह मिलते ही वन विभाग के अधिकारी सक्रीय हो गये जो तीनो रेन्ज मे टाइगर की उपस्थिती दर्ज कराने दिन रात एक कर दिये और वन विभाग के अधिकारियो की मेहनत भी रंग लाई टाइगर के पद चिन्ह।मिलने के आठ दिन बाद अरसीकन्हार रेन्ज के भीरागाव के आसपास टाइगर ने एक मवेशी को अपना शिकार बनाया जिसके बाद वन विभाग द्वारा लगाया गया ट्रेप कैमरा मे भी टाइगर की फोटो कैद हुई जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियो ने राहत की सांस ली
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आठ दिन के मशक्कत के बाद आया तस्वीर
वही टाइगर रिजर्व के तीनो रेन्ज अरसीकन्हार , रिसगाव व सीतानदी मे टाइगर के पद चिन्ह की पुष्टी होने के बाद टाइगर इसी जंगल मे विचरण कर रहा मगर वन विभाग द्वारा लगाये गये ट्रेप कैमरा मे टाइगर की तस्वीर कैद नही हो पा रही सूत्रो के अनुसार जहा कैमरा बंधा है टाइगर उससे पहले ही दूसरे रास्ते की रूख कर जाता जिस जगह कैमरा है उस जगह को छोड़ टाइगर जंगलो मे रास्ते बदल बदल कर विचरण कर रहा था जिसके चलते वन विभाग भी सतर्क थी
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