जांच प्रतिवेदन में सामने आया सच!18 लोगों को आवंटित हुई थी भूमि, बिना अनुमति बेची

जांच प्रतिवेदन में सामने आया सच!18 लोगों को आवंटित हुई थी भूमि, बिना अनुमति बेची

रायगढ़ :  लामीदरहा में शासकीय पट्टे की जमीन को बेचने के लिए कलेक्टर की अनुमति ही नहीं ली गई। तहसील स्तर पर ही पटवारी ने सीधे बिक्री नकल दे दिया। जांच रिपोर्ट में पता चला कि 18 लोगों को जमीन आवंटित हुई थी। सभी ने जमीन दूसरे को बेच दी है। इस मामले में पटवारी को बचाया जा रहा है।लामीदरहा में खसरा नंबर 34 राजस्व अभिलेखों में बड़े झाड़ के जंगल और शासकीय भूमि के रूप में दर्ज थी। मूल खसरे में रकबा 39.388 हे. था। इसके बाद 18 लोगों को यहां जमीनें आवंटित की गई। कुल 14.162 हे. भूमि आवंटित की गई। पूर्व कलेक्टर को अंधेरे में रखते हुए जमीन के लिए बिक्री नकल और व चौहद्दी जारी की गई। 34/2 से लेकर 34/22 तक 21 टुकड़ों में जमीन का आवंटन हुआ था।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी – सुशासन के लिए समदर्शिता है जरुरी  

खनं 34/18, 34/19 और 34/21 को प्रसन्न देवता व रघुवर पटवा के नाम बेचा गया है। 34/2 महेत्तर सिंह, 34/3 रघुवर पटवा, 34/4 विमला, 34/5 घसनीन पिता गंजहा, 34/6 बिछलू पिता मनीराम, 34/7 टेटकू, संतोष, मनबोध, 34/8 गुरबारू पिता जयराम, 34/9 नीला, मनीराम, कौशल्या, सुमित्रा आदि, 34/10 गंगाधर, सव्या, जानकी, 34/11 मोनार्च अग्रवाल पिता सुभाष अग्रवाल, 34/12 व 34/13, 34/14 विनोद पिता महावीर प्रसाद अग्रवाल, 34/15 भोलाराम पिता घासीराम, 34/16 मुकुल सिन्हा पिता वाईके सिन्हा, प्रदीप पटेल, 34/15, 34/17, 34/20 शैलेष सतपथी, बासु मालाकार, यावर हुसैन, सुलेमान अली (पूर्व भूमि स्वामी बरतराम पिता चैतराम), 34/18, 34/22 प्रसन्न कुमार देवता (पूर्व भूमिस्वामी पंकज अग्रवाल), 34/19, 34/21, 34/24 रघुवर प्रसाद पटवा के नाम पर मिले। जब आवंटी और बिक्री की रिपोर्ट बनाई गई तो पता चला कि पहली बिक्री तो बिना अनुमति कर दी गई। इसके बाद तो कोई रोकने वाला ही नहीं था।

पहली बिक्री 2003 में, उसके बाद 2023 में दो बार रजिस्ट्री

उदाहरण में लिए खसरा नंबर 34/11 रकबा 1.214 हे. भूमि जोगीराम पिता कलिंदर को आवंटित हुई थी। उसने बिना किसी अनुमति के 4 दिसंबर 2003 को सोमेश पटेल पिता रोहित पटेल को जमीन बेच दी। इसके 20 साल बाद 20 जुलाई 2023 को सोमेश ने प्रतिमा सतपथी पति शुक्लांबर सतपथी को जमीन बेची। पांच महीने बाद प्रतिमा ने 13 दिसंबर 2023 को जमीन मोनार्च अग्रवाल पिता सुभाष अग्रवाल निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी को जमीन बेची। यह भूमि तीन बार बिक गई।

ये भी पढ़े : साराडीह बैराज भूअर्जन घोटाला मामलें में जांच के हुए थे आदेश, रिपोर्ट का पता नहीं

जांच हुई, कार्रवाई को लेकर कंफ्यूजन

लामीदरहा में जितनी जमीन आवंटित की गई थी सभी के कैफियत कॉलम में अहस्तांतरणीय दर्ज किया जाना था। लेकिन इसके बाद भी जमीनें बिकती रहीं। पटवारी ने अहस्तांतरणीय जमीन होने के बाद भी बिक्री नकल जारी किया। तहसीलदार ने भी इसमें साथ दिया। जांच होने के बाद अब कार्रवाई को लेकर अफसर कंफ्यूज हैं।










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments