छत्तीसगढ़ में जमीन संबंधी मामलों में विवादों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है, लेकिन राज्य सरकार के कुछ अफसरों की लालच और लापरवाही के चलते सरकार की इन योजनाओं पर पानी फिर रहा है।
ताजा मामला सूरजपुर के भैयाथान इलाके का है जहां एक बुजुर्ग महिला ने कलेक्टर से जनदर्शन में शिकायत की है कि उसके सौतेले बेटे ने तहसीलदार से मिलीभगत कर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उसकी करोड़ों की जमीन फर्जी तरीके से बेच दी है।
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सौतेले बेटे ने बेच डाली एक एकड़ जमीन
दरअसल यह पूरा मामला भैयाथान इलाके के करकोटी गांव का है। जहां पीड़ित बुजुर्ग महिला शैल कुमारी का आरोप है कि उसके सौतेले बेटे वीरेंद्र दुबे ने भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर से मिलीभगत कर पीड़िता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उसकी एक एकड़ जमीन बेच दी है। यह भी आरोप है कि इस धोखाधड़ी के एवज में आरोपियों ने संयुक्त खाते की 40 डिसमिल जमीन तहसीलदार संजय राठौर को दे दी है। जिसकी रजिस्ट्री तहसीलदार की पत्नी के नाम पर हुई है।
जांच की जा रही है
अब पीड़ित पक्ष तहसीलदार और उसके सौतेले बेटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। इस पूरे मामले पर सूरजपुर के अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।
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