योगी सरकार ने खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने किसान को अनुदान पर धान बीज देने का का फैसला किया है. राज्य सरकार अलग-अलग धान की प्रजाति पर 30 से 50 फीसदी देगी. इसके साथ ही प्रदेश सरकार की ओर से धान बीज के लिए सब्सिडी की राशि काटकर किसानों को बाकी कीमत जमा करने की सुविधा दी जा रही है.
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के मुताबिक, आईआर 64, सीओ वन प्रजाति पर अलग-अलग छूट की व्यवस्था है. अलग-अलग धान की प्रजाति पर 30 से 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है.सियास वन पर 50 फीसदी, एचयूआर 917 पर 30 फीसदी की छूट दी जा रही है. ऐसे ही आईआर 64, सीओ वन प्रजाति पर अलग-अलग छूट की व्यवस्था है.
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POS मशीन से मिलेगा धान
पहले किसानों को धान की बीज खरीदते समय पूरी रकम का भुगतान करना होता था. इसके बाद 5 महीने से सालभर बाद किसानों के खाते में सब्सिडी की रकम आ पाती थी. सरकार ने यह व्यवस्था बदल दी है. किसानों को ई-पॉश (ePOS) मशीन पर अंगूठा लगाकर धान बीज खरीद के अनुपात पर सब्सिडी घटाकर बिल दे दिया जाएगा.
सरकारी गोदामों पर खरीफ सीजन में करीब 759 क्विंटल धान का बीज उपलब्ध कराया जाना है. कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक शासन से 640 क्विंटल धान का बीज मिल गया है. सरकारी बीज गोदामों पर पॉश मशीन से ही धान का बीज बांटा जाएगा. किसानों को पंजीकरण कराना होगा. बिना पॉश मशीन से बीज नहीं दिया जाएगा.
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4 बीघे जमीन की खतौनी पर 30 किग्रा बीज मिलेगा
योजना के तहत किसान अपने खेती की खतौनी व आधार कार्ड लेकर ब्लॉक ऑफिस पर जाकर बीज ले सकते हैं. इसके तहत 4 बीघे जमीन की खतौनी पर 30 किलोग्राम बीज मिलेगा. जनपद के 9 ब्लॉक ऑफिस में यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि सदर ब्लॉक में महुंराही स्थित किसान कल्याण केंद्र में किसानों को बीज दिया जाएगा. जनपद में 2 लाख 17 पंजीकृत किसान हैं. हालांकि बीज लेने के लिए किसानों को पंजीकरण अनिवार्य नहीं है. उन्हें सिर्फ खतौनी व आधार की जरूरत पड़ेगी.
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