भ्रष्टाचारियों की अब खैर नही !भ्रष्ट तंत्र पर कार्रवाई करने सरकार इस तरह करने जा रही दो जांच एजेंसियों को मजबूत

भ्रष्टाचारियों की अब खैर नही !भ्रष्ट तंत्र पर कार्रवाई करने सरकार इस तरह करने जा रही दो जांच एजेंसियों को मजबूत

रायपुर : मंत्रालय के गलियारों से एक ऐसी खबर आ रही है, जो भ्रष्ट तंत्र को डरा सकती है...करप्ट्ड अधिकारियों की रात की नींद उड़ा देगी। खबर है...सरकार अब ईओडब्लू और एसीबी को ताकतवर बनाने जा रही है। बिल्कुल भारत सरकार की ईडी की तरह। ईडी की तरह ही ईओडब्लू और एसीबी एडवांस संसाधनों से लैस होकर मारक कार्रवाई करेगी। मैनपावर के मामले में ईओडब्लू और एसीबी अब रामभरोसे नहीं रहेगा।

बता दें, राज्य बनने के 25 साल होने के बाद भी मैनपावर के मामले में ईओडब्लू, एसीबी आत्मनिर्भर नहीं हो पाया। कुछ परसेंट तो डेपुटेशन चलता है, ईओडब्लू पर पूरी तरह पुलिस के सिस्टम पर टिका हुआ है। उसमें भी होता ऐसा है कि ईओडब्लू की जो कमान संभालता है, वे अपने पसंद के अफसरों को लेकर आते हैं और जैसे ही ट्रांसफर होता है, चार्ज हैंड ओवर करने से पहले मुलाजिमो को रिलीव करवा देते हैं। इससे ईओडब्लू में स्थायी सेटअप नहीं बन पाता। केसों की विवेचना प्रभावित होती है सो अगल।

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आमतौर पर वैसे राज्य सरकारें भी नहीं चाहती कि ईओडब्लू, एसीबी ज्यादा ताकतवर बनें। पिछली सरकार में पूरे पांच साल में सूबे की दोनों जांच एजेंसिया पांच छापे भी नहीं मार सकी। रंगे हाथ रिश्वत लेते ट्रेप का तो अधिकार ही नहीं था। पांच साल में मुश्किल से दो या तीन पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए थे।

ईओडब्लू में मैनपावर

राज्य सरकार अब ईओडब्लू की सूरत और सीरत बदलने जा रही है। स्थायी सेटअप पर विचार करने के साथ ही बड़ी संख्या में मैनपावर देने की फाइल चल चुकी है। मुख्यमंत्री के नजदीकी अधिकारियों ने बताया कि ईओडब्लू और एसीबी को जल्द ही कई डीएसपी, थानेदार और सिपाही दिए जाएंगे। इसके लिए नोटशीट प्रक्रिया में आ चुकी है। चूकि ईओडब्लू और एसीबी सामान्य प्रशासन विभाग में आता है और यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। सो, इसमें अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

सीए और एकाउंट की टीम

जिस तरह ईडी के पास पुलिस अधिकारियों के साथ सीए और एकाउंट की बड़ी टीम होती है, उसी तरह अब ईओडब्लू और एसीबी में सीए और एकाउंट की टीम होगी। ताकि, छापा मारने के बाद कम समय में भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों का लेखा-जोखा निकाल कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाए।

नया मुख्यालय

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद एक से बढ़कर एक कद्दावर आईपीएस अधिकारी ईओडब्लू और एसीबी के चीफ रहे। डीएम अवस्थी से लेकर मुकेश गुप्ता तक। मगर 25 साल में अपना एक भवन नहीं बना सका। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के पास वर्तमान ईओडब्लू मुख्यालय में न पार्किंग की जगह है और न ही ढंग से बैठने की। बिल्डिंग देखने में भी कांजी हाउस सरीखा। पता चला है, विष्णुदेव सरकार अब नवा रायपुर में ईओडब्लू, एसीबी का नया भवन बनाने की तैयारी कर रही है।

ये बड़े मामले

ईओडब्लू के पास अभी शराब घोटाला, कोयला घोटाला, महादेव सट्टा ऐप्प घोटाला, सीजीएमएससी घोटाला, अभनपुर मुआवजा घोटाला, आरआई प्रमोशन घोटाला, अरपा-भैंसाझाड़ मुआवजा घोटाले की जांच है। इन जांचों को सरकार ने सौंपी है। इसके अलावे एजेंसी में सीधी शिकायतें होती हैं, उसकी भी गंभीरता को देख जांच की जाती हैं। एजेंसी के पास मैनपावर की कमी के चलते इनमें से कई मामलों की जांच लंबित चल रही हैं।

जीरो टॉलरेंस बनेगा मुद्दा

सरकार में बैठे सूत्रों का कहना है कि ईडी की कार्रवाइयों से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की छबि आम जनता में अच्छी बनी। बाकी मामलो में लोग केंद्र पर जरूर सवाल उठाए मगर करप्शन के खिलाफ कार्रवाई पर लोग संतुष्ट हैं। उसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार भी ईओडब्लू और एसीबी को ताकतवर बना भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करना चाहती है। ताकि, सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, उस पर मुहर लग सके। जानकारों का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2028 में यह बड़ा मुद्दा रहेगा। जाहिर है, सत्ताधारी पार्टी का 2023 का विधानसभा चुनाव हारने के पीछे करप्शन एक बड़ा मुद्दा रहा।

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