सरगुजा: जहां एक ओर छत्तीसगढ़ भर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत हो चुकी है वहीं सरगुजा जिले के सीतापुर ब्लॉक स्थित शासकीय प्राथमिक शाला सीतापुर में पहले ही दिन अव्यवस्था और लापरवाही की तस्वीर सामने आई है।स्कूल खुलने के निर्धारित समय पर न केवल स्कूल के गेट पर ताला लगा मिला बल्कि शिक्षकगण भी विद्यालय परिसर के बाहर बैठे हुए नजर आए।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि स्कूल के पहले दिन एक भी छात्र उपस्थित नहीं था। यह दृश्य न केवल शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा करता है बल्कि बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ा देता है। विद्यालय का भौतिक परिवेश भी बेहद दयनीय स्थिति में मिला। कक्षाओं के भीतर टूटी-फूटी डेस्क और बेंचेस, परिसर में फैली गंदगी और बारिश का पानी स्कूल भवन के अंदर तक पहुंचना ये सब स्कूल की दुर्दशा की गवाही दे रहे थे। साफ है कि स्कूल भवन की मरम्मत और साफ-सफाई की ओर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया है।
इस संबंध में विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों से बात की तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने की बात स्वीकारी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने के बावजूद स्कूल में ताला लगाना उचित नहीं था। शिक्षकों ने विद्यालय की जर्जर स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराने की बात भी कही।
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पूरे मामले में प्रतिक्रिया देते हुए सहायक विकासखंड शिक्षाधिकारी महेश सोनी ने बताया कि शीघ्र ही विद्यालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी और नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षा विभाग की प्राथमिकता बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

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