सहारनपुरः पश्चिमी यूपी का सहारनपुर जिला मैंगो बेल्ट के रूप में प्रसिद्ध है. जहां के किसान आम की विभिन्न प्रजातियों को लगाते है. सहारनपुर के प्रकृति कुंज में आम की एक विशेष प्रजाति विकसित की गई है जो फल के साथ-साथ बोर भी देती है. यानी यह प्रजाति साल में चार बार फल देती है. प्रकृति कुंज के स्वामी राजेंद्र अटल का कहना है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन आम के बागों में बिताया है.
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बचपन से ही उन्होंने आम की विभिन्न प्रजातियों को देखा है, इसलिए आम से उनका गहरा लगाव रहा है. उन्होंने अपने प्रकृति कुंज में आम की कई प्रजातियों के पौधे लगाए है. जिनमें से बारहमासी आम की प्रजाति सबसे खास है. इस प्रजाति पर बोर भी आता है और इससे फल भी बनते हैं जो पकने वाले होते है. यानी यह हर तीन से चार महीने में फल देती है. राजेंद्र अटल का कहना है कि इस प्रजाति से किसान साल में एक बार नहीं, बल्कि तीन से चार बार लाभ कमा सकते है और अपनी आय चार गुना बढ़ा सकते है.
उन्होंने अपने प्रकृति कुंज में आम की कुछ बेहतरीन प्रजातियां लगाई है जो वर्ष में तीन से चार बार फल देती है, जैसे सितंबर-अक्टूबर, फरवरी, मई और जून में इस पेड़ को बारहमासी नाम दिया गया है जो पूरे साल फल देता है. इस समय इस आम के पेड़ पर एक ओर बोर आ रहा है. वहीं दूसरी ओर छोटे-छोटे आम भी लग रहे है और तीसरी ओर बड़े-बड़े आम भी लग रहे है. बड़े आम को मैंगो बैग लगाकर सुरक्षित किया गया है. बारहमासी आम की इस प्रजाति के अलावा, उनके पास आम की और भी प्रजातियां हैं.
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उनके प्रकृति कुंज में विभिन्न रेयर पौधों को दूर-दूर से लाकर लगाया गया है. ताकि उनकी प्रजाति को बचाया जा सके और उनके अन्य पौधे तैयार कर सहारनपुर के किसानों को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जा सकें. इससे सहारनपुर के किसान भी इन अनोखी प्रजातियों की खेती कर कई गुना अधिक लाभ कमा सकेंगे.



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