आखिरकार वो हो ही गया जिसकी आशंका पिछले कुछ समय से गहरी हो रही थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने के फैसले पर आखिरी मुहर लगा दी और अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के तीन न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला बोल दिया। अमेरिका ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फान पर हवाई हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक सफल हमला बताया है।
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हमले के बाद ट्रंप का क्या रिएक्शन रहा?
इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा- हमने ईरान में तीन परमाणु साइट्स फोर्डो, नतांज़ और एस्फाहान पर सफल हमला किया है। हमले के बाद सभी विमान अब ईरान के एयर स्पेस से बाहर निकल चुके हैं। फोर्डो के परमाणु ठिकाने पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया है। सभी विमान सुरक्षित लौट रहे हैं। हमारे महान अमेरिकी योद्धाओं को बधाई। दुनिया में कोई और सेना नहीं है जो ऐसा कर सकती थी। अब शांति का समय है! इस मुद्दे पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।
हमले में बी-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान के इन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए बी-2 बॉम्बर्स विमानों का इस्तेमाल किया। क्योंकि हमले से पहले ऐसी खबर आई थी कि अमेरिका ने अपने ताकतवर बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स को मिसूरी के व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से गुआम के लिए रवाना किया है। उसी वक्त ईरान पर हमले की आशंका तेज हो गई थी। गुआम, पश्चिमी प्रशांत महासागर में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यह सैन्य ठिकाना मिडिल ईस्ट के बेहद करीब है।
सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकाने पर भी हमला
अमेरिका ने ईरान के जिन तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की है उनमें फोर्डो काफी अहम माना जाता है क्योंकि यह ईरान का सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकाना है। दुनिया के ईरान के इस परमाणु ठिकाने के बारे में 2009 में पता चला था यह न्यूक्लियर प्लांट पहाड़ी इलाके में जमीन से करीब आधा मील नीचे बना हुआ है। इसे खास तरह से बनाया गया था ताकि साधारण बमबारी में ज्यादा नुकसान नहीं हो। लेकिन अमेरिका ने बमों का पूरा पेलोड इस न्यूक्लियर साइट पर गिराया है। इससे काफी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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