सांठगांठ से चल रहा बड़ा खेला:ब्लैक लिस्ट करने के बजाय ठेकेदार को बचाने की तैयारी

सांठगांठ से चल रहा बड़ा खेला:ब्लैक लिस्ट करने के बजाय ठेकेदार को बचाने की तैयारी

रायगढ़ :  नागरिक आपूर्ति निगम से परिवहन टेंडर हासिल करने के लिए एक ठेकेदार ने राईस मिल की बात छिपाई। जिला स्तर पर जांच में बात खुली तो उसने नान मुख्यालय में सांठगांठ कर ली है। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से ब्लैक लिस्ट किए जाने की अनुशंसा के बाद भी नान मुख्यालय में फाइल अटक गई है। पीडीएस दुकानों में सामग्री भंडारण के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। परिवहन ठेकेदारों को सारी जानकारी सही-सही देना अनिवार्य होता है। किसी भी ऐसे ट्रांसपोर्टर को परिवहन का ठेका नहीं दिया जाता है, जिसके परिवार में राइस मिल हो। खरसिया में नागरिक आपूर्ति निगम के ठेकेदार बजरंग अग्रवाल ने बेटे मनीष की राईस मिल होने की बात छिपाई। वहीं गोदामों से पीडीएस दुकानों तक चावल, नमक, चना और शक्कर भंडारण के दौरान भी शॉर्ट सप्लाई की बात सामने आई। चावल रिसायकल होने की आशंका के कारण ऐसा नहीं किया जाता।

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जब टेंडर लगा तो खरसिया के ठेकेदार बजरंग अग्रवाल ने बेटे मनीष के नाम पर राइस मिल होने की बात छिपाई। खरसिया में परिवहन ठेका बजरंग अग्रवाल को दिया गया था। राईस मिल संचालन की जानकारी दी जाती तो बजरंग अग्रवाल अपात्र हो जाते। खाद्य विभाग को कई पीडीएस दुकानों में भंडारित चावल की मात्रा कम होने की शिकायतें आई। खाद्य विभाग ने जांच की तो छोटे देवगांव में 1.70 क्विं. चावल, गाड़ाबोरदी में 1.50 क्विं., देहजरी में 6.39 क्विं. और नगोई में 30.21 क्विं. चावल कम दिया गया। खाद्य विभाग ने नागरिक आपूर्ति निगम को ट्रांसपोर्टर बजरंग अग्रवाल पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। नान डीएम ने पहले बजरंग अग्रवाल को नोटिस जारी किया। इसके बाद मुख्यालय को परिवहन ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की अनुशंसा कर दी। लेकिन वहां भी सांठगांठ होने की जानकारी फैल गई है।

कई सालों से कर रहा है परिवहन

खरसिया क्षेत्र में खाद और चावल परिवहन के काम में बजरंग अग्रवाल बहुत पुराना नाम है। नान के चावल की चोरी और रिसायक्लिंग को रोकने के लिए नियम है कि टांसपोर्टर की कोई राइस मिल नहीं होनी चाहिए। बजरंग अग्रवाल रायगढ़ जिले में कई सालों से नान और मार्कफेड के लिए परिवहन का काम कर रहा है। पूर्व में खाद परिवहन में भी डबल बिलिंग का घोटाला सामने आया था। सहकारिता विभाग ने गड़बड़ी पकड़ी थी। तब भी इसे ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया क्योंकि सांठगांठ हो गई।

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