रायपुर : बलौदाबाजार के बाद अब रायपुर में वन विभाग ड्राइवरों की भर्ती प्रकिया सवालों के दायरे में आ गई है। विभाग में 39 पदों पर भर्ती के लिए 30 अप्रैल को प्रायोगिक के साथ लिखित परीक्षा ली गई थी। 16 जून को रिजल्ट वेबसाइट में अपलोड किया गया। उसके कुछ घंटों के भीतर ही 17 पन्नों का पर्चा लीक हो गया। बता दें कि परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रश्नावली के माध्यम से ली गई थी और पर्चा उम्मीदवारों से सेंटर में ही ले लिया गया था।
लीक होने वाला 17 पन्नों का पर्चा कोरा है, इसलिए पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात है कि राज्य के अन्य जिलों में भी ड्राइवरों की भर्ती परीक्षा चल रही है लेकिन कहीं भी लिखित परीक्षा नहीं ली गई।
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रायपुर में उम्मीदवारों को जो प्रवेश पत्र जारी किया गया, उसमें लिखित परीक्षा का कहीं उल्लेख नहीं था। इतना ही नहीं हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग उम्मीदवार थे, लेकिन उनका पर्चा एक ही था। पर्चे सेट करने से लेकर दूसरी सारी प्रक्रिया रायपुर वन मंडल कार्यालय में की गई। खबर है कि पर्चे भी कार्यालय में ही रखे गए थे।
30 अप्रैल को लिखित और भौतिक परीक्षा नवा रायपुर स्थित आईटीडीआर के ट्रेनिंग सेंटर में हुई। वन विभाग के वाहन चालक संघ ने पर्चे को लेकर पीसीसीएफ से शिकायत की गई है। कहा गया है कि हल्के और भारी वाहन चालकों का पर्चा एक जैसे कैसे लिया जा सकता है। ड्राइवरों की भर्ती का रिजल्ट जारी करने के करीब एक घंटे के बाद ही उसे हटा दिया गया। हालांकि बाद में कुछ घंटों के भीतर ही रिजल्ट दोबारा वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। ऐसा क्यों किया गया, इस बारे में अफसरों ने तर्क दिया कि कुछ नाम में जाति का उल्लेख नहीं था। उसे सुधारकर दोबारा अपलोड किया गया है।
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