कृषि उन्नति योजना वर्ष-2025  में अब दलहन-तिलहन, मक्का ,लघु धान्य फसल के साथ कपास फसलों पर कृषकों को मिलेगी कृषि आदान सहायता राशि

कृषि उन्नति योजना वर्ष-2025 में अब दलहन-तिलहन, मक्का ,लघु धान्य फसल के साथ कपास फसलों पर कृषकों को मिलेगी कृषि आदान सहायता राशि

कवर्धा :  राज्य सरकार द्वारा खरीफ सीजन के लिए कृषि उन्नति योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है। फसल उत्पादन के लिये आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते हैं। जिसके लिए राज्य सरकार ने “कृषि उन्नति योजना” प्रारंभ की है। फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देने, दलहन,तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्म निर्भरता के लक्ष्य के साथ योजनांतर्गत चिन्हित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य-फसल क्षेत्राच्छादन,उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कराना। फसल के कास्त लागत में कमी लाकर कृषकों की आय में वृद्धि कराना तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ कृषकों को उन्नत बीज,उर्वरक,कीटनाशक,मानव श्रम, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में निवेश को प्रोत्साहन देना।

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योजनांतर्गत हितग्रहीयों की पात्रता-

योजना का लाभ केवल उन्ही कृषकों को मिलेगा जिन्होने एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराया होगा। पोर्टल पर पंजीकृत ऐसे समस्त कृषक जिनके द्वारा खरीफ मौसम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से संबं़द्ध प्राथमिक कृषि साख समितियों (लैम्पस सहित) अथवा राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि को धान अथवा धान बीज का विक्रय किया गया हो। विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होने धान फसल लगाई हो तथा सेवा सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया हो तथा वर्तमान में खरीफ मौसम में धान के बदले अन्य फसल (दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल हेतु पंजीयन कराया हो।योजनांतर्गत ऐसे विधिक व्यक्तियों यथा ट्रस्ट, मण्डल, प्राईवेट लिमि. कंपनी, शाला विकास समिति केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थान, महाविद्यालय आदि संस्थाओं को योजना का लाभ लेने की पात्रता नही होगी। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सिलिंग कानून के प्रावधानों के अध्याधीन किया जावेगा।

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कृषको को भुगतान

कृषि उन्नति योजनांतर्गत आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से किया जायेगा। खरीफ 2025 में कृषकों से उपार्जित धान की मात्रा पर, धान (कॉमन) पर 731 रूपए प्रति. क्विं़. की दर से अधिकतम 15351 रूपए प्रति एकड तथा धान (ग्रेड-ए) पर 711 रूपए प्रति क्विं. की दर से अधिकतम 14931 रूपए प्रति एकड की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। विगत खरीफ में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होने धान फसल लगाई हो एवं समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय सेवा सहकारी समितियों में किया हो उन्हें धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु ऐकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत, मान्य रकबे पर 11000 रूपए प्रति एकड की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। खरीफ में दलहन, मक्का, लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल लेने वाले कृषाकों को एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत, मान्य रकबे पर 10000 रूपए प्रति एकड की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। योजनांतर्गत कृषक को अधिक भुगतान होने कि स्थिति में संबंधित कृषक से राशि वसूल की जा सकेगी। योजना का क्रियान्वायन छ.ग.राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. (मार्कफेड), राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि., खाद्य विभाग, एवं संचालक कृषि द्वारा किया जाएगा।







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