कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पूरे परिवार संग की 18 किलोमीटर भक्ति पदयात्रा

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पूरे परिवार संग की 18 किलोमीटर भक्ति पदयात्रा

कवर्धा टेकेश्वर दुबे :  सावन के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण वातावरण में भोरमदेव पदयात्रा ऐतिहासिक बन गई। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने अपने परिवार के साथ बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमदेव मंदिर तक 18 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की। इस पदयात्रा में पदयात्रियों, कावड़ियों और शिव भक्तों की विशाल सहभागिता रही, जिनकी श्रद्धा और समर्पण ने इस आयोजन को भक्ति पर्व में बदल दिया।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते

इस वर्ष भोरमदेव पदयात्रा को विशेष और आध्यात्मिक रूप से ऐतिहासिक बनाने के लिए नर्मदा मैया के जल की विशेष व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई थी। सभी पदयात्रियों को पवित्र नर्मदा जल के पैकेट प्रदान किए गए, जिससे उन्होंने बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक कर आस्था की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। श्रद्धालुओं ने नर्मदा जल को अपने साथ लेकर भक्ति भाव से भोरमदेव मंदिर में अर्पित किया।ग्राम समनापुर, अमलीडीह, रेंगाखार खुर्द, राजनवागांव और चौरा में ग्रामीणों, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा कलेक्टर वर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारियों का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। राजनवागांव के बाद कलेक्टर  वर्मा ने एक पेड़ माँ के नाम पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों की प्रेरक मिसाल पेश की।
भक्ति और सेवा के इस संगम में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई, डीएफओ  निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी भी पदयात्रा में सहभागी बने। कलेक्टर एवं अधिकारियों ने यात्रा मार्ग में बनी जलपान, स्वल्पाहार, नींबू शरबत, प्राथमिक उपचार एवं विश्राम व्यवस्था का निरीक्षण किया।

इस बार शासकीय विभागों के साथ-साथ चंद्रयान अस्पताल, विद्युत ठेकेदार संघ, डड़सेना कलार समाज, पतंजलि योगपीठ कबीरधाम इकाई सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने भी जलपान व नाश्ते की सेवा में अपना योगदान दिया।

ये भी पढ़े : छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में बांग्लादेशी घुसपैठ पर किया ध्यानाकर्षण

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने विशेष उद्बोधन में कहा कि भोरमदेव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह स्थल ऐतिहासिक, पुरातात्विक, आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सावन माह भर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। अमरकंटक से आने वाले हज़ारों पदयात्रियों सहित सभी भक्तों की सुविधा के लिए ठहरने, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा की समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा।"

शिव तांडव, शिव विवाह आदि की विशेष झांकियों ने इस आयोजन को और भी भक्ति रस से भर दिया। श्रद्धालुओं ने झांकियों के माध्यम से भगवान शिव की दिव्यता का आनंद लिया।इस प्रकार, नर्मदा जल, पदयात्रियों की उत्साहजनक भागीदारी, प्रशासन की बेहतर व्यवस्था और श्रद्धा से सराबोर वातावरण ने भोरमदेव पदयात्रा को एक बार फिर एक अद्वितीय, प्रेरणादायक और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन बना दिया।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments