किसानों को कम समय में अच्छी कमाई कराने के लिए करेले ये की ये किस्म की खेती बहुत लाभदायक साबित होती है इसकी खेती में ज्यादा मेहनत और लागत की जरूरत भी नहीं होती है।करेले की खेती बहुत मुनाफे वाली साबित होती है क्योकि इसकी मांग बाजार में बहुत होती है आज हम आपको करेले की एक ऐसी वैरायटी के बारे में बता रहे है जो कम समय में ज्यादा उत्पादन देने वाली होती है इस किस्म का स्वाद खाने में ज्यादा कड़वा नहीं होता है इसलिए लोग इसको खरीदना ज्यादा पसंद करते है। हम बात कर रहे है करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती की ये करेले की एक संकर (हाइब्रिड) किस्म है जो शाइन ब्रांड के अंतर्गत आती है। तो चलिए इसकी खेती के बारे में समझते है।
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करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती
अगर आप करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती करना चाहते है तो आपको इसकी खेती के बारे में कुछ जरुरी बातें पता होनी चाहिए जिससे खेती करने में कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती के लिए इस किस्म के बीजों का ही चयन करना चाहिए इसके बीज आपको बाजार में बीज भंडार की दुकान में मिल जाएंगे। इसकी खेती के लिए उचित जल धारण क्षमता वाली बलुई दोमट मिट्टी आदर्श होती है। बीज बुवाई से पहले बीजों को उपचारित करना चाहिए इसकी खेती में पौधों से पौधों की दूरी 2 फीट रखनी चाहिए। करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती में गोबर की खाद का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। बुवाई के बाद इसकी फसल करीब 55 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है।
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रेकॉर्डतोड़ होगी उपज
करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती से बहुत ज्यादा जबरदस्त पैदावार देखने को मिलती है ये मार्केट में बहुत डिमांडिंग होती है एक एकड़ में करेले की F1 लुसी वैरायटी की खेती करने से करीब 150 क्विंटल से ज्यादा पैदावार मिलती है आप इसकी खेती से करीब 1.5 लाख रूपए तक की कमाई कर सकते है। ये करेले की उच्च गुणवत्ता और अधिक पैदावार देने वाली किस्म है।


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