रायपुर/तिल्दा-नेवरा : जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक माह पूर्व नवविवाहिता उषा कहरा ने दहेज की मांग और अत्याचार से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है। थाना तिल्दा नेवरा पुलिस ने बताया कि मृतका की शादी एक वर्ष पूर्व सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ प्रमोद कुमार कमलेश (उम्र 31 वर्ष) निवासी ग्राम अमोदा, वार्ड क्रमांक-15, थाना एवं जिला जांजगीर-चांपा से हुई थी। विवाह के समय मृतका के परिजनों ने अपनी सामर्थ्य से अधिक दहेज स्वरूप एक सेलेरियो कार, स्त्रीधन और घरेलू सामान दिया था। इसके बावजूद मृतका को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
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मृतका के पति प्रमोद, सास श्रीमती बहरतीन बाई (उम्र 58 वर्ष), और ससुर जवाहरलाल (उम्र 65 वर्ष) द्वारा 10 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। यह रकम उन्होंने कर्ज चुकाने के नाम पर मृतका से लाने का दबाव बनाया था। मृतका पर मानसिक दबाव इतना अधिक बढ़ गया कि उसने प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग क्रमांक दर्ज कर जांच शुरू की और जांच में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 325/2025, धारा 80(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया।
तीनों आरोपी
प्रमोद कुमार कमलेश (पति)
श्रीमती बहरतीन बाई (सास)
जवाहरलाल (ससुर)
को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला की मौत की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि उसे लगातार दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। मामले में विवेचना जारी है, और आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह मामला छत्तीसगढ़ में दहेज उत्पीड़न की भयावह स्थिति को दर्शाता है और समाज में इस तरह की कुरीतियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मृतका को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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