रायगढ़ : पांच डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक हटाने का सबसे बड़ा लाभ भूमािफयाओं को हुआ। कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की सबसे बड़ी वजह भी यही है। अब भी यही काम चल रहा है। बड़े अतरमुड़ा में नाला किनारे जमीनें बिना अनुमति के बेच दी गई। रेरा से एप्रूवल के बिना ही कॉलोनी काट दी गई। शहर में बन रही अवैध कॉलोनियां ही सुनियोजित विकास में बाधा बन रहे हैं। कृषि भूमि पर बिना किसी प्लानिंग और अनुमति के प्लॉट काटकर बेच दिए जा रहे हैं। इस पर कार्रवाई तो दूर रोक तक लगाना अफसरों के बस में नहीं है।
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प्रत्येक भूमाफिया अपने पीछे किसी न किसी नेता का नाम चिपकाकर घूमता है। इसलिए अफसर भी डरकर कदम पीछे खींच लेते हैैं। कांग्रेस सरकार ने पांच डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक हटा दी थी। इस वजह से भूमाफियाओं ने खेतों में बिना डायवर्सन, बिना रेरा पंजीयन के प्लॉट काटकर बेच दिए। इन अवैध कॉलोनियों में नगर निगम नल कनेक्शन दे देता है और बिजली विभाग मीटर लगा देता है। बड़े अतरमुड़ा में भी मिश्रा गली के अंत में नाला किनारे प्लॉट काटकर बेचे गए हैं। पहले बाउंड्रीवॉल बनाई गई और फिर प्लॉट बेचे गए। अब भी 25 डिसमिल जमीन बची है जिसके छोटे टुकड़े करके बेचे जा रहे हैं। इस पर कभी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं।
खुलेआम दे रहे ऑफर
शहर में भूमाफियाओं को किसी भी नियम का डर नहीं है, जहां जिसको मन है, आसानी से प्लॉट काटकर बेच रहा है। नाला किनारे तक जमीन पर प्लॉट बुक किए गए हैं। यहां नाला की जमीन भी दबाई गई है। कई एजेंटों को जमीन बेचने के काम में लगाया गया है, जहां प्लॉट बेचे जा रहे हैं, वहां न तो सडक़ है और न ही पानी सप्लाई।
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