मुंगेली : छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम संघ के आव्हान पर जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पांचवे दिन कर्मचारियों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को खून से पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इससे पहले भी कर्मचारियों ने हाथों में मेहंदी लगाकर विरोध दर्ज कराया था। हड़ताल पर जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे अस्पतालों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते
एनएचएम कर्मचारी संघ के संरक्षक अमित दुबे, जिलाध्यक्ष पवन निर्मलकर और डॉ. अखिलेश बंजारे ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से लगातार सेवा देने के बावजूद संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया गया है। पूर्व में 27% वेतन वृद्धि की घोषणा भी की गई थी, लेकिन उसका लाभ अब तक कर्मचारियों को नहीं मिला। कर्मचारियों ने कहा कि वे नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानांतरण नीति, सेवा शर्तों का निर्धारण और सामाजिक सुरक्षा लाभ सहित अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। संघ का कहना है कि सरकार की उपेक्षा और टालमटोल की नीति से मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है – “हम 20 वर्षों से प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। कोरोना महामारी हो या आपातकालीन परिस्थिति, हमने हमेशा अपनी जिम्मेदारी निभाई है। लेकिन जब हम अपने हक और भविष्य की सुरक्षा की बात करते हैं, तो सरकार मौन रहती है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”
हड़ताल और आंदोलन में शैलेन्द्र पाण्डेय, मनीष गुप्ता, निमिष मिश्रा, सुनिल सिंह, शैलेष पितर, कमलेश्वरी साहू, राजेंद्र राजपूत, लिलक मारकम, अमित सिंह, लक्ष्मी साहू, रुखमानी चतुर्वेदी, नीतू पात्रे, सरिता कांत, कार्तिक साहू सहित बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हुए।
ये भी पढ़े : बड़ी लापरवाही: सीजीएमएससी ने एक साथ तीन दवाओं के उपयोग और वितरण पर लगाईं रोक
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments