बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर लगातार बवाल मच रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले से एक और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मस्तूरी थाना क्षेत्र के पेंड्री गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था। हिंदू संगठनों को जैसे ही इस गतिविधि की भनक लगी, वे मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और छापेमारी के बाद पास्टर संजीव सूर्यवंशी सहित आठ लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
बंद पड़े पोल्ट्री फार्म में प्रार्थना सभा
जानकारी के मुताबिक, पेंड्री गांव में एक बंद पड़े पोल्ट्री फार्म में गुपचुप तरीके से प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। सूत्रों का कहना है कि वहां 15 से 20 लोग इकट्ठा होकर धार्मिक गतिविधियों में शामिल थे। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह सभा महज धार्मिक अनुष्ठान नहीं थी, बल्कि इसके जरिए ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण की ओर प्रेरित किया जा रहा था।
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हिंदू संगठनों का विरोध और हंगामा
जैसे ही हिंदू संगठनों को इस आयोजन की जानकारी मिली, उनके कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने सभा का विरोध किया और आयोजकों पर आरोप लगाया कि यह चंगाई सभा (हीलिंग प्रेयर मीटिंग) नहीं बल्कि धर्मांतरण का षड्यंत्र है। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद बढ़ने लगा। तत्काल सूचना मिलने पर मस्तूरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।
पुलिस ने की दबिश, बरामद हुई धार्मिक सामग्री
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां ईसाई धर्म से जुड़ी किताबें, डायरी और अन्य धार्मिक साहित्य बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आयोजन की अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ में भी विरोधाभासी बयान सामने आए। इस आधार पर पुलिस ने पास्टर संजीव सूर्यवंशी और अन्य सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
8 आरोपियों के खिलाफ FIR
मस्तूरी थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में पास्टर संजीव सूर्यवंशी समेत आठ लोगों के खिलाफ धर्मांतरण से जुड़े अपराधों और शांति भंग करने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सभी आरोपियों को थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रहे धर्मांतरण विवाद
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण को लेकर विवाद और झड़प की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बिलासपुर, जशपुर, कबीरधाम, बेमेतरा और रायपुर जैसे जिलों में कई बार प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने के आरोप लग चुके हैं। राज्य सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीर है और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
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स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद पेंड्री गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली हैं और प्रशासन को सख्ती से रोक लगानी चाहिए। वहीं, हिंदू संगठनों का कहना है कि धर्मांतरण के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि धर्मांतरण के सबूत पुख्ता मिलते हैं तो आरोपियों पर और भी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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