गरियाबंद। जिले में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना को लेकर किसानों, युवाओं और आम नागरिकों की मांग लगातार तेज़ होती जा रही है। एक ओर जहां पोखरा क्षेत्र के किसानों और जनप्रतिनिधियों ने पूर्व सांसद एवं छत्तीसगढ़ भंडार गृह निगम अध्यक्ष चंदूलाल साहू को ज्ञापन सौंपकर पोखरा में ही महाविद्यालय भवन और अनुसंधान केंद्र शुरू करने की मांग रखी है, वहीं दूसरी ओर जिले के अन्य ब्लॉकों के नागरिकों का कहना है कि यह संस्थान जिला मुख्यालय गरियाबंद में ही स्थापित होना चाहिए।
पोखरा में पहले से जमीन अनुबंध
किसानों ने बताया कि पोखरा में कृषि महाविद्यालय के लिए पहले से ही भूमि का अनुबंध हो चुका है। अनुबंध की प्रतियां रायपुर बीज निगम आयोग और पोखरा कृषि फार्म में उपलब्ध हैं। किसानों का तर्क है कि यहां महाविद्यालय बनने से क्षेत्रीय किसानों को वैज्ञानिक शोध और आधुनिक कृषि तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा।
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जिला मुख्यालय में बनने की उठी मांग
इसी के विपरीत कई जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का मानना है कि जिला मुख्यालय गरियाबंद में कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्र खुलना चाहिए, ताकि देवभोग, छुरा, मैनपुर, राजीव और गरियाबंद समेत पूरे जिले के छात्र-छात्राओं व नागरिकों को समान सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि मुख्यालय में संस्थान होने से परिवहन, आवास और पहुँच सभी के लिए आसान रहेगा।
दोनों पक्षों में एक राय – जिले को मिले लाभ
चाहे पोखरा हो या जिला मुख्यालय, दोनों ही पक्ष इस बात पर एकमत हैं कि जिले में कृषि महाविद्यालय और अनुसंधान केंद्र की स्थापना से पूरे क्षेत्र का कृषि विकास होगा। किसानों ने कहा कि अगर उनकी मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय पर ठोस पहल करेंगे।
इस अवसर पर पोखरा सरपंच डॉ. सियाराम साहू, हथखोज सरपंच बलराम भगत, पसौद सरपंच पुरुषोत्तम तिवारी, किसान नेता संतराम साहू, कैलाश निषाद, मंगतूराम साहू, प्रेमलाल नागरे, दौलतराव भोसले, हिराउराम साहू, राजकुमार साहू, राजूराम पटेल, गैंदूराम निषाद, मुकेश साहू, ग्राम विकास समिति सचिव रोमनलाल बंजारे, नारायण साहू, तिजेश्वर सेन सहित बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण उपस्थित रहे। क्या कहते हैं जिम्मेदार इस संबंध में बीज निगम आयोग अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने बताया कि पोखरा में कृषि महाविघालय के लिए अनुबंध की कापी आयोग में जमा हैं।केन्द्रीय टीम स्थल निरीक्षण करने आएगी उसके बाद ही महाविघालय के लिए जगह का चयन किया जाएगा।

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