बालोद : जिले की निवासी दुष्कर्म पीड़िता ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में डिप्टी कलेक्ट दिलीप उइके के खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई करने की मांग मुख्य सचिव से की हैं।
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महिला आरक्षक का पत्र...
''मैं डौंडी, जिला बालोद की निवासी हूँ। वर्तमान में मैं सीएएफ में आरक्षक के पद पर भिलाई में पदस्थ हूँ। बीजापुर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ दिलीप कुमार उड़के के द्वारा लगातार पिछले आठ वर्षों से शादी का झांसा देकर मेरा शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करता रहा और वर्ष 2017 से 2025 के बीच तीन बार जबर्दस्ती गर्भपात करवाने के बाद जून महीने में मुझसे शादी करने से मना कर दिया। जिसके बाद मैंने अपने साथ हुये अन्याय को लेकर डौंडी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर डाँडी थाना के द्वारा दिनांक 17/08/2025 को बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। वहीं मेरे साथ किए गंभीर कुकृत्यों के चलते जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद में दिलीप कुमार उड़के द्वारा लगाई गयी जमानत याचिका भी खारिज हो गयी है। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दिलीप को होते ही वो बीजापुर जिला प्रशासन को गलत जानकारी देकर SICK LEAVE लेकर फरार हो गया है। ऐसी जानकारी मिल रही है। दिलीप उड़के ने मेरे विश्वास का लगातार दुरुपयोग किया, मुझसे विवाह का झांसा देकर बार-बार शारीरिक सम्बन्ध बनाए, तीन बार जबर्दस्ती गर्भपात करवाया, मुझसे लाखों रुपये लिए, और अंत में विवाह करनेसे इनकार कर दिया। दिलीप उड़के जैसे व्यक्ति, जो एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर आसीन है, उसका ऐसा आचरण और कृत्य अत्यंत शर्मनाक है।
अतः आपसे सविनय अनुरोध है कि इतने गंभीर आरोपों में अपराध पंजीबद्ध हो जाने के बाद दिलीप ऊड़के पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत तत्काल नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का कष्ट करें।''
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