रायपुर: बस्तर में लाल आतंक का खात्मा अब करीब है। दशकों पुराने माओवाद के अंत के बीच बस्तर के लिए एक बड़ी खबर आई है। इस बार यहाँ का ऐतिहासिक दशहरा और भी खास होने जा रहा है।
इस मशहूर समारोह में इस बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। उन्होंने खुद ही सोशल मीडिया 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी है।
अमित शाह ने लिखा, "नक्सलवाद से मुक्ति और शांति की ओर अग्रसर बस्तर अपने पर्व-त्योहार धूमधाम से मना रहा है। आदिवासी संस्कृति और विरासत का प्रमाण 75 दिनों तक मनाया जाने वाला बस्तर दशहरा के 'मुरिया दरबार' में आने का निमंत्रण मिला। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्सुक हूँ।"
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बस्तर सांसद ने दिया था न्यौता
बता दें कि, देशभर में मशहूर बस्तर दशहरा में शामिल होने का न्यौता बस्तर के सांसद महेश कश्यप ने दिया था। उन्होंने एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ मिलकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की थी। वही अब उन्होंने यह आमंत्रण स्वीकार लिया है।
बता दें कि, राज्य गठन के बाद पहली बार केंद्रीय मंत्री बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में जनता की बात सुनेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने 4 नवंबर को बस्तर आ सकते है। इस दौरान वे बस्तर में 3 घंटे रहेंगे, साथ ही मिशन 2026 के तहत नक्सल उन्मूलन अभियान पर चर्चा करेंगे। साथ ही जिस समय केंद्रीय गृहमंत्री का आगमन बताया जा रहा है उसी दौरान बस्तर में बस्तर दशहरा पर्व का प्रमुख रस्म मुरिया दरबार रहेगा, जिसमें अमित शाह जनता की बात सुनेंगे।
मुरिया दरबार का आयोजन चार अक्टूबर को सिरहासार भवन में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश मंत्रिमंडल के मंत्री एवं बस्तर संभाग के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।सांसद के मीडिया प्रभाग के अनुसार, बस्तर दहशरा में देश और प्रदेश के अन्य बड़े नेता भी पहुंचेंगे।
क्यों प्रसिद्द है बस्तर का दशहरा?
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि आदिवासी परंपराओं, जनसंवाद और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। मुरिया दरबार में आमजन अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे तौर पर नेताओं और प्रशासन के सामने रखते हैं। अमित शाह की मौजूदगी से इस बार का आयोजन और भी खास होने जा रहा है। इस बार मुरिया दरबार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर की जनता की समस्याएं सुनेंगे।
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