कोयला घोटाला केस में सौम्या चौरसिया के करीबी जयचंद कोसले गिरफ्तार

कोयला घोटाला केस में सौम्या चौरसिया के करीबी जयचंद कोसले गिरफ्तार

रायपुर :  कोयला घोटाले की जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने तेज कर दी है। जांच एजेंसी के रडार पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया एक बार फिर से आ गई हैं। रविवार को सौम्या के करीबी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में सीएम सचिवालय में पदस्थ रहे लिपिक जयचंद कोशले के रायपुर व जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों पर छापेमारी में कोल घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज के साथ ही 50 करोड़ खपाने के सबूत मिले हैं।

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पूछताछ में कई दफन राज बाहर निकलने की उम्मीद

जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि जयचंद से पूछताछ में कई दफन राज बाहर निकलने की उम्मीद है। सोमवार को जयचंद को गिरफ्तार किया गया। उसे विशेष कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए 26 सितंबर तक यानी पांच दिन की रिमांड पर लिया गया। कोल घोटाले में सौम्या चौरसिया के निज सचिव जयचंद कोशले लंबे समय से जांच एजेंसी की निगरानी में था। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कोयला परिवहन से मिलने वाला पैसा जयचंद के जरिए सौम्या तक पहुंचता था। उसने खुद 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। रायपुर की सेजबहार कालोनी में आलीशान मकान और जांजगीर-चांपा के अकलतरा के आंबेडकर चौक के पास पैतृक घर सहित करोड़ों की संपत्ति खड़ी की है। जयचंद से ईडी भी कई बार पूछताछ कर चुकी है।

सौम्या जब निगम में अपर आयुक्त बनीं तब निज सहायक था जयचंद

ईओडब्ल्यू के मुताबिक सहायक खनिज संचालक का पुत्र जयचंद कोशले रायपुर नगर निगम का कर्मचारी था। वर्ष 2028-19 में सौम्या चौरसिया रायपुर निगम में अपर आयुक्त थीं, तब जयचंद उनके निज सहायक (पीए) के तौर पर काम करने लगा। कांग्रेस सरकार बनने के बाद सौम्या जब मुख्यमंत्री बघेल की उप सचिव बनीं तो जयचंद की पोस्टिंग भी वहीं करा दी। वह सौम्या के आफिस से जुड़ा पूरा काम देखता था, जिसमें पैसों का लेन-देन और निवेश शामिल था। सरकार बदलने के बाद भी जयचंद ने अपनी पोस्टिंग पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के बंगले में करा ली और वहीं उनका काम देखने लगा था। जयचंद ने कोल लेवी घोटाले से बतौर कमीशन मिले 50 करोड़ रुपये निवेश करने में अहम भूमिका निभाई।

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काली कमाई के करोड़ों रुपये निवेश किए

जांच एजेंसी को संदेह है कि जयचंद ने सौम्या की काली कमाई के करोड़ों रुपये निवेश करने का काम किया है। उसके घर से जब्त संपत्ति के दस्तावेज इसी ओर इशारा कर रहे हैं। जमानत पर प्रदेश से बाहर रह रहीं सौम्या वर्तमान में सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है। यह जमानत मार्च 2025 में दी गई थी, जिसके बाद वह अन्य आरोपितों निलंबित आइएएस रानू साहू, समीर बिश्नोई और सूर्यकांत तिवारी के साथ जेल से रिहा हुई थीं। हालांकि जमानत की शर्तों के तहत उन्हें अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ राज्य में रहने की इजाजत नहीं है।

 










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