दंतेवाड़ा : जिला दन्तेवाड़ा में पुलिस व सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘पूना मारगेम’’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है, इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा रहा हैं।
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नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, माओवादी संगठनों के भीतर आंतरिक मदभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों सेे तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके 30 ईनामी माओवादी सहित 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत दिनांक 24 सितंबर बुधवार लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना विश्वास जाहिर करते हुए समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए ईच्छा जाहिर की जिसका स्वागत करते हुए इन्हें उप महानिरीक्षक दन्तेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप,पुलिस उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी,पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा गौरव राय के समक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये।
उक्त माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी/बस्तर फाईटर्स, विशेष आसूचना शाखा दन्तेवाड़ा/जगदलपुर, 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहा।
आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत् 50 हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें जैसे स्किल डेवलपमेंट हेतू प्रशिक्षण, कृषि भूमि इत्यादि मुहैया कराई जाएगी।

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