भारतीय शेयर बाजार में आज 24 सितंबर को लगातार चौथे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। आज के कारोबार में BSE Sensex में 386.47 अंकों की गिरावट रही और यह 81,715.63 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 इंडेक्स में भी 112.60 अंकों की कमजोरी रही और यह 25056.90 के लेवल पर बंद हुआ। विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका में H-1B वीजा सिस्टम में बदलाव के प्रस्ताव ने भी शेयर बाजार पर नेगेटिव असर डाला है।
Tata Motors, BEL समेत ये शेयर टूटे
आज के कारोबार में Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट Tata Motors, BEL, UltraTech Cement, Tech Mahindra और Axis Bank के शेयरों में देखी गई। दूसरी तरफ टॉप गेनर्स में Power Grid, NTPC, Hindustan Unilever, Maruti Suzuki India और HCL Technologies के शेयर शामिल हैं।
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मिड-स्मॉलकैप में भी दबाव
आज NSE पर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव दिखा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.96 फीसदी तक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.69 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
Nifty FMCG को छोड़कर सभी इंडेक्स लाल
सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस की बात करें तो आज Nifty FMCG को छोड़कर अन्य सभी इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली निफ्टी रियल्टी और ऑटो इंडेक्स में देखने को मिली।
| सूचकांक (Index) | प्रतिशत बदलाव (%) |
|---|---|
| निफ्टी ऑटो | -1.15 |
| निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 | -0.67 |
| निफ्टी FMCG | +0.18 |
| निफ्टी आईटी | -0.72 |
| निफ्टी मीडिया | -0.61 |
| निफ्टी मेटल | -0.68 |
| निफ्टी फार्मा | -0.53 |
| निफ्टी PSU बैंक | -0.26 |
| निफ्टी प्राइवेट बैंक | -0.86 |
| निफ्टी रियल्टी | -2.49 |
| निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स | -0.64 |
| निफ्टी कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स | -0.65 |
| निफ्टी ऑयल एंड गैस | -0.62 |
| निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर | -0.90 |
| निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (Ex-Bank) | -0.69 |
| निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज | -0.94 |
| निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम | -1.16 |
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
1. अमेरिका में वीजा की प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव
अमेरिका ने H-1B वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसमें अब उच्च वेतन पाने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे भारत की IT कंपनियों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि ये कंपनियां अक्सर कम लागत वाले H-1B वीजा मॉडल पर अपने विदेशी प्रोजेक्ट्स के लिए स्टाफिंग करती हैं।
2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को शेयर बाजार से ₹3551.19 करोड़ की बिकवाली की। इससे घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा। FII ने सितंबर में अब तक 17032.93 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।
3. कच्चा तेल महंगा
ब्रेंट क्रूड के भाव 0.28% बढ़कर USD 67.82 प्रति बैरल हो गए। तेल की बढ़ी कीमतें भारत के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि भारत बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है और ऊर्जा लागत में उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है।
4. रुपया कमजोर
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे गिरकर 88.80 पर आ गया, जो इसके रिकॉर्ड निचले स्तर के पास है। बाजार एक्सपर्ट्स के अनुसार इसका कारण लगातार फंड आउटफ्लो, टैरिफ संबंधी चिंताएं और उच्च अमेरिकी वीजा शुल्क हैं।

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