वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 10 अक्टूबर को करवा चौथ है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करवा माता की पूजा करती हैं। साथ ही करवा माता के निमित्त व्रत रखती हैं। इस व्रत को करने से विवाहित महिलाओं के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। साथ ही पति की आयु लंबी होती है।
ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी करवा चौथ पर दुर्लभ शिववास योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में चंद्र देव की पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल मिलेगा। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
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करवा चौथ शुभ मुहूर्त
करवा चौथ शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग शाम 05 बजकर 41 मिनट तक है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। इस तिथि पर देवों के देव महादेव कैलाश पर विराजमान रहेंगे। इस दौरान पूजा-पाठ करने से व्रती को दोगुना फल प्राप्त होगा। देवों के देव महादेव शाम 07 बजकर 38 मिनट तक कैलाश पर विराजमान रहेंगे। इसके बाद भगवान शिव नंदी की सवारी करेंगे।
पंचांग
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