चेक बाउंस के मामले में रायपुर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

चेक बाउंस के मामले में रायपुर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

रायपुर :  रायपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वर्णलता ओम यादव की अदालत ने आज चेक बाउंस के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी पक्ष अभिनव कंस्ट्रक्शन के अधिकृत प्रतिनिधि सुमन कुमार को दोषी ठहराते हुए तीन महीने का साधारण कारावास और बैंक को ₹1,51,20,000/- की भारी क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है।बता दें कि कोटक महिंद्रा बैंक ने अदालत में शिकायत की थी कि आरोपी फर्म ने बैंक से ऋण लिया था और इसके भुगतान के लिए ₹1.35 करोड़ का चेक 30 दिसंबर 2022 को जारी किया था। जब यह चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो 3 जनवरी 2023 को यह खाता ब्लॉक होने के कारण बाउंस हो गया। बैंक ने नियमानुसार आरोपी फर्म को नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मामला सीधे अदालत तक पहुंच गया।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - कलमवीर अब दस्यु सरदार बन गए 

आरोपी पक्ष अभिनव कंस्ट्रक्शन के अधिकृत प्रतिनिधि सुमन कुमार ने अदालत में दावा किया कि यह चेक केवल सुरक्षा के लिए दिया गया था और उन्होंने बैंक को पहले ही ₹1.30 करोड़ का भुगतान कर दिया है, इसलिए उन पर कोई देनदारी नहीं है। अदालत ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त ने कोई दस्तावेज़ या रसीद प्रस्तुत नहीं की जो यह साबित कर सके कि उसने कथित राशि का भुगतान किया। इसके अलावा अभियुक्त ने स्वीकार किया कि चेक पर उसके हस्ताक्षर हैं और एन.आई. एक्ट की धारा 139 के अनुसार चेक वैध माना जाता है। अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी फर्म ने सुरक्षा चेक के कथित दुरुपयोग को लेकर न बैंक में और न ही पुलिस या किसी अन्य न्यायालय में कोई शिकायत दर्ज कराई।

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुमन कुमार को धारा 138 एन.आई. एक्ट (Negotiable Instruments Act) के तहत दोषी करार देते हुए तीन महीने का साधारण कारावास सुनाया और बैंक को ₹1,51,20,000/- का क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि अगर अभियुक्त प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं करता है तो उसे 30 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त के पूर्व के ज़मानत-मुचलकों को निरस्त कर दिया।










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments