200 सरकारी शिक्षक पढ़ाना छोड़कर राज्योत्सव में देंगे ड्यूटी

200 सरकारी शिक्षक पढ़ाना छोड़कर राज्योत्सव में देंगे ड्यूटी

200 सरकारी शिक्षक पढ़ाना छोड़कर राज्योत्सव में ड्यूटी देंगे। ऐसे ही अपार आईडी, कई अभियानों में शिक्षक अध्यापन की मूल जिम्मेदारी को पूरा करने के बजाय कई प्रशासनिक कार्यों में लगे हैं। जिले में कुल 1,426 शासकीय स्कूल हैं, जिनमें 5 लाख 27 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अभी प्राथमिक से लेकर हायर सेकंडरी स्कूलों तक लगभग 36 ऐप्स और पोर्टल चल रहे हैं।

अपडेट करना जरूरी
प्रमुख रूप से निष्ठा ऐप, दीक्षा ऐप, उल्लास ऐप, डीजीलॉकर ऐप, वीएसके ऐप, गूगल शीट्स, एजुकेशन पोर्टल, समग्र शिक्षा पोर्टल, छात्रवृत्ति पोर्टल, यूडाइस प्लस आदि में शिक्षकों, संस्था प्रमुखों और बीआरसीसी को विभिन्न रिपोर्ट, परीक्षाफल, मूल्यांकन और उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड अपडेट करना होता है।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - कलमवीर अब दस्यु सरदार बन गए 

अब भी अपार आईडी का काम अधूरा
अभी स्कूलों में विद्यार्थियों को डिजिटल पहचान ’’अपार आईडी’’बनाने का कार्य किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार, जिले में 5 लाख 27 हजार विद्यार्थियों का अपार आईडी बनाना जाना है। लेकिन अब तक 3 लाख 65 हजार विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जा सकी है। ऐसे ही छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के लिए उत्कर्ष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें हर माह विद्यार्थियों की परीक्षा लेकर मूल्यांकन किया जाता है। ऐसे में शिक्षक ऐप्स और पोर्टलों में डेटा एंट्री, अपलोडिंग में लगे रहते हैं।

पढ़ाई हो रही प्रभावित
जानकारों के अनुसार, शिक्षकों को अध्यापन कार्य से दूसरे कार्यों में लगाने से छात्र-छात्राओं के पढ़ाई की गुणवत्ता पर बुरी असर हो सकता है। शिक्षक दिनभर ऐप्स और पोर्टलों में जानकारी अपलोड करते रहते हैं जिससे उन्हें छात्र-छात्राओं को सही पढ़ाई से वंचित होना पड़ जा रहा है। ऐसे में कई शिक्षक संगठन यही मांग कर रहे है कि स्कूल के शिक्षकों को केवल अध्यापन कार्य में ही ध्यान दिया जाए।










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments