गरियाबंद : नगर पंचायत कोपरा में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) श्यामलाल वर्मा के खिलाफ नगर के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को वार्ड पार्षद शिवम सिन्हा एवं विद्या कुमार साहू सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुँचकर लिखित शिकायत सौंपी। आवेदन में सीएमओ पर भारी भ्रष्टाचार, मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
भ्रष्टाचार और लापरवाही का अड्डा बना नगर पंचायत कार्यालय
शिकायत में उल्लेख है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन से स्वीकृत 11 विकास कार्यों में सीएमओ ने निर्धारित मापदंडों को ताक पर रखकर अपने मनपसंद ठेकेदारों को ठेका दिया। नतीजतन, निर्माणाधीन सीसी रोड और नालियाँ अभी पूर्ण भी नहीं हुई हैं और पहले ही टूटने लगी हैं। इसके बावजूद ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया गया।
पार्षदों का कहना है कि इस भुगतान प्रक्रिया में सीएमओ ने भारी कमीशन वसूली की है।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -भारत माँ के रतन बेटा मै बढ़िया -में छत्तीसगढ़िया अऊँगा
सफाई कर्मचारियों से वसूला जा रहा "रिटर्न कमीशन"
पार्षदों ने यह भी बताया कि सफाई कर्मचारियों के वेतन में सीएमओ द्वारा अवैध कटौती की जा रही है। शासन से स्वीकृत ₹334 की मजदूरी में से ₹134 रिटर्न कमीशन के रूप में वसूल लिया जाता है।
फर्जी कोटेशन और अपनों को ठेके देने के आरोप
नगर पंचायत के प्लेसमेंट ठेकेदार का नाम भी गोपनीय रखा गया है। आरोप है कि सीएमओ ने अपने परिचित को ही ठेका दिया है और फर्जी कोटेशन के माध्यम से खरीदी-बिक्री में घपला किया जा रहा है।
नागरिकों से उगाही, नगरवासी त्रस्त
सीएमओ पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अब तक 100 से अधिक नागरिकों को निजी भूमि पर निर्माण कार्य करने पर नोटिस जारी कर लाखों रुपये की अवैध उगाही की है। बताया जा रहा है कि सीएमओ अधिकांश समय अपने गृह ग्राम में रहते हैं, जिससे नगर की मूलभूत सुविधाएँ जैसे साफ-सफाई, जलापूर्ति और प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
पार्षदों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गरियाबंद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजिम के सीडीएम को जांच सौंपी है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र प्रस्तुत किया जाए।
नगरवासियों में रोष, कार्रवाई की मांग तेज
नगरवासियों का कहना है कि नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण कोपरा का विकास ठप पड़ गया है। नागरिकों ने भी कलेक्टर से मांग की है कि दोषी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानांतरण एवं निलंबन की कार्रवाई की जाए।

Comments