मासिक कालाष्टमी तंत्र-मत्र की साधना करने वाले लोगों के लिए खास मानी गई है। इसके साथ ही जनसाधारण भी इस दिन पर काल भैरव देव की पूजा-अर्चना द्वारा शुभ फलों की प्राप्ति कर सकते हैं। साथ ही इस दिन पर कुछ खास उपायों (Kalashtami Upay) द्वारा आपको कई परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
मासिक कालाष्टमी मुहूर्त
पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 दिसंबर को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर हो रही है। वहीं यह तिथि का समापन 12 दिसंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर होगा। ऐसे में पौष माह की कालाष्टमी गुरुवार 11 दिसंबर को मनाई जाएगी।
दूर होंगे सभी दुख
कालाष्टमी के दिन विधि विधान से काल भैरव देव की पूजा करें और उन्हें उड़द की दाल के पकौड़े , गुलगुले, जलेबी और काले तिल का भोग लगाएं। ऐसा करने से आपको काल भैरव देव का आशीर्वाद मिलता है और सभी दुख धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
करें इन चीजों का दान
कालाष्टमी के दिन आपको चावल, दूध, दही, नमक और गेहूं का दान करने से शुभ परिणाम मिल सकते हैं। वहीं आप शनि-राहु दोष से राहत पाने के लिए इस दिन पर उड़द दाल, काले तिल, काले चने और सरसों के तेल में छाया दान कर सकते हैं।
दूर रहेगी नेगेटिव एनर्जी
कालाष्टमी के दिन भैरव बाबा को मीठी रोटी भोग के रूप में जरूर अर्पित करें। इसके साथ ही भैरव बाबा के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और सुख-शांति बनी रहती है।

Comments