कट्टरपंथी उस्मान हादी के सिर में मारी गोली, पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश में मिलाने का देखता था सपना

कट्टरपंथी उस्मान हादी के सिर में मारी गोली, पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश में मिलाने का देखता था सपना

 आगामी आम चुनावों से करीब दो महीने पहले एक बड़ी राजनीतिक हिंसा की घटना सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मुखर आलोचक और दक्षिणपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को ढाका में गोली मार दी गई। यह हमला शुक्रवार दोपहर करीब 2:25 बजे ढाका के बिजोयनगर इलाके में हुआ, जब हादी अपने चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे।

सिर में कई गोलियां, हालत बेहद गंभीर

हमलावरों ने हादी के सिर में कई गोलियां मारीं, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगले कुछ घंटे उनके लिए बेहद अहम हैं।

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तीन बाइक सवार हमलावर मौके से फरार

पुलिस के अनुसार, इस हमले को तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अंजाम दिया। फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के वक्त हादी खुले इलाके में लोगों से संपर्क कर रहे थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

निर्दलीय उम्मीदवार लड़ने वाले थे चुनाव

शरीफ उस्मान हादी शेख हसीना विरोधी संगठन 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता हैं। उन्होंने आगामी संसदीय चुनावों में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।

हमले से पहले विवादित सोशल मीडिया पोस्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से कुछ घंटे पहले हादी ने सोशल मीडिया पर भारत के "सेवन सिस्टर्स" यानी पूर्वोत्तर क्षेत्र को दिखाता हुआ एक विवादित नक्शा साझा किया था। इस पोस्ट में शुक्रवार के लिए एक बैठक का आह्वान किया गया था, जिसका विषय था- "बंगाल और बंगालियों की शुरुआत की कहानी"।

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस का बयान

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इसे चुनावी माहौल में "अस्वीकार्य" हिंसा बताया और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए कि हमलावरों की जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

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पहले भी मिल चुकी थीं जान से मारने की धमकियां

राजनीतिक कार्यकर्ता और लेखक शरीफ उस्मान हादी को पहले भी जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं। नवंबर 2025 में उन्हें फेसबुक पर करीब 30 विदेशी नंबरों से धमकी भरे संदेश आए थे, जिसकी जानकारी उन्होंने सार्वजनिक रूप से दी थी।

अवामी लीग पर गंभीर आरोप

दिसंबर 2024 में हादी ने अवामी लीग पर छात्रों की हत्याओं में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने शेख हसीना के लिए इस्लामी अपराध न्यायाधिकरण द्वारा दी गई मौत की सजा को एक "मिसाल" करार दिया था, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया था।










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